Tehran: तेहरान में शुक्रवार की नमाज के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई ने भाषण दिया है, जिसमें उन्होंने फिलिस्तीन और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर बात कही है. ईरानी सुप्रीन लीडर ने पिछले 5 साल में पहली बार नमाज के बाद भाषण दिया है. उन्होंने फिलिस्तीन की लड़ाई को पूरी तरह वैध ठहराया और कहा कि फिलिस्तीन को अपनी जमीन वापस लेने का पूरा हक है. उन्होंने इस्लामी दुनिया को एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा कि ईरान से लेकर लेबनान तक मुस्लिम समुदाय को एक साथ खड़ा रहना चाहिए. इस बीच, खामेनेई की तकरीर खत्म होते ही लेबनान ने इजरायल पर ताजा हमले शुरू कर दिए. लेबनान ने इस दौरान इजरायल पर कई रॉकेट दागे हैं.
: दलित परिवार के चार लोगों की हत्या से हड़कंप, पिता ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर उठाये सवाल [wpse_comments_template]
अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे
आयतुल्लाह खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि उनका आचरण दुनिया के हित में नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि 7 अक्टूबर को फिलिस्तीन द्वारा की गई कार्रवाई जंग का हिस्सा थी और इसे उचित माना जाना चाहिए. साथ ही, ईरानी बलों की ओर से उठाए गए कदम भी वैध बताए गए. खामेनेई ने कहा, हम अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे और पीछे नहीं हटेंगे. भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. जब उन्होंने पहली बार 2020 के बाद शुक्रवार, 4 अक्टूबर की नमाज के बाद भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने कहा, हमारे सशस्त्र बलों द्वारा की गई कार्रवाई यहूदी शासन के अपराधों के लिए कम से कम सज़ा थी.नसरल्लाह को बताया शहीद
आयतुल्लाह खामेनेई ने भाषण के दौरान हसन नसरल्लाह को शहीद बताया है. सर्वोच्च नेता ने कहा, शहीद नसरल्लाह ने अपने जीवनकाल में लेबनान के लोगों को जो सबसे महत्वपूर्ण संदेश दिया, वह यह था कि इमाम मूसा सद्र, सैयद अब्बास मौसवी जैसी प्रमुख हस्तियों के नुकसान पर निराश न हों, बल्कि अपने प्रयासों को बढ़ाएं, आक्रामक दुश्मन का डटकर मुकाबला करें, और उन्हें पराजित करें.. तेहरान टाइम्स के मुताबिक, सुप्रीम लीडर ने कहा, सैयद हसन नसरल्लाह अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आत्मा मुसलमानों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी.मुसलमानों एक हो जाओ...
ईरान के सुप्रीम लीडर ने भाषण के दौरान कहा, दुश्मन के मंसूबे नाकाम होंगे, और हमें इरान से लेबनान तक मुस्लिम एकजुटता बनाए रखनी होगी. पूरी दुनिया के सभी मुस्लिमों को एकजुट रहना होगा और दुश्मन की चालों से सावधान रहना चाहिए. हर किसी से अपील की जाती है कि वे एकजुट रहें और अल्लाह के बताए हुए रास्ते से न हटें. अगर मुस्लिम समुदाय साथ रहेगा, तो उनका भला होगा. दुश्मन हम पर हमला करने की फिराक में हैं, लेकिन अगर हम भाईचारे के साथ चलें, तो किसी भी खतरे का सामना कर सकते हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा, हर मुल्क और हर व्यक्ति को दमन के खिलाफ अपने आप को बचाने का आखिरी अधिकार है. उन अपराधियों का सामना करना है जो कब्जा करने वाली ताकतें हैं. ऐसी कोई अदालत या अंतरराष्ट्रीय संगठन नहीं है जो फिलिस्तीनी लोगों को सिर्फ अपने देश की रक्षा करने के लिए दोषी ठहरा सकें. खामनेई की तकरीर की 10 बड़ी बातें 1. हिज्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की रुखसती हमारे लिए अपूरणीय क्षति है. ईरान ने इजरायल को मिसाइल से जवाब दिया है. 2. अगर जरूरत पड़ी तो हम इजरायल पर दोबारा हमला करेंगे. हिज्बुल्लाह और लेबनान के लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं. 3. फिलिस्तीन पर दुश्मनों का कब्जा है. फिलिस्तीन को जमीन वापस लेने का हक है. ईरान से लेबनान तक मुसलमान एकजुट हो. 4. ये (इजरायल) तमाम मुसलमानों के दुश्मन हैं. ये सिर्फ हमारे नहीं बल्कि फिलिस्तीन और यमन के भी दुश्मन हैं. 5 दुश्मनों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे. वो मुसलमानों से दुश्मनी बढ़ाना चाहते हैं. दुश्मन अपनी शैतानी सियासत बढ़ाना चाहते हैं. 6. इजरायल के खिलाफ इस जंग में अरब के मुसलमान भी हमारा साथ दें. लेबनान के लिए हम सबकुछ करेंगे. 7. इजरायल को लेबनान से मार भगाया गया था. लेबनान के मुसलमानों ने अपनी इज्जत की हिफाजत की और इजरायल के खिलाफ लड़े. 8. मुसलमानों पर सितम ढहाया जा रहा है. हमास भी फिलिस्तीनी मुस्लिमों के हक के लिए इजरायल के खिलाफ लड़ रहा है. 9. फिलिस्तीनी लोगों के पास पूरा अधिकार है कि वह उन ताकतों के खिलाफ खड़ा हो जाए, जो उन पर कब्जा करना चाहती है. 10. पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास का हमला जायज था. हमला ने बिल्कुल सही किया था. इसे भी पढ़ें - अमेठी">https://lagatar.in/amethi-four-members-of-a-dalit-family-murdered-mp-raises-questions-on-police-administration/">अमेठी: दलित परिवार के चार लोगों की हत्या से हड़कंप, पिता ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर उठाये सवाल [wpse_comments_template]
Leave a Comment