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ऊर्जा विभाग ने अडाणी समूह को दिया प्रस्ताव, छत्तीसगढ़ से दें बिजली, 400 मेगावाट देने पर दी सहमति

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Ranchi: गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट से बनने वाली बिजली बांग्लादेश जायेगी और झारखंड को अडाणी के छत्तीसगढ़ प्लांट से बिजली मिलेगी. ऊर्जा विभाग और अडाणी पावर ग्रुप इसकी तैयारी में लगी है. कुछ समय पहले, ऊर्जा विभाग की ओर से अडाणी समूह को प्रस्ताव भेजा गया था. जिसमें छत्तीसगढ़ से बिजली की मांग की गयी है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अडाणी समूह ने 400 मेगावाट बिजली देने पर सहमति दी है. यहां उल्लेखनीय है कि गोड्डा पावर प्लांट से अडाणी समूह 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगी. वह बंग्लादेश को 1600 मेगावाट बिजली देगी. समूह ने झारखंड सरकार से जो एमओयू किया था, उसमें 25 प्रतिशत बिजली झारखंड को देने की बात तय हुई थी. इस एकरारनामे के तहत अडाणी समूह ने 400 मेगावाट बिजली देने पर सहमति दी है.

ऊर्जा विभाग के पत्र पर अडाणी पावर से आया जवाब

ऊर्जा विभाग से मिले पत्र के बाद, पिछले दिनों अडाणी समूह की ओर से इस संबंध में जवाब आया है. जिसमें चार सौ मेगावाट बिजली छत्तीसगढ़ से देने की बात कही गई है. ऐसे में ऊर्जा विभाग और जेबीवीएनएल की ओर से इस पर आगे विचार किया जायेगा. राज्य में अडाणी पावर ग्रुप की ओर से गोड्डा में प्लांट बनाया जा रहा है. गौरतलब है कि पूर्व की सरकार ने गोड्डा में बनने वाली बिजली के लिए एमओयू में बदलाव किया था. इसे भी पढ़ें-मद्य">https://lagatar.in/prohibition-department-ordered-to-vacate-regulatory-commission-and-cyber-security-office/123934/">मद्य

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दिसंबर से शुरू हो सकती है एक यूनिट

अडाणी समूह 2016 से गोड्डा में पावर प्लांट निर्माण कर रही है. अडाणी समूह की ओर से यहां दो यूनिट बनायी जा रही है. जिसकी क्षमता 800-800 मेगावाट है. एक यूनिट के दिसंबर में शुरू होने की संभावना है. जेबीवीएनएल की मानें तो अडाणी समूह इसकी तैयारी में है. ऐसे में प्लांट शुरू होने से कुल उत्पादित बिजली बांग्लादेश चली जायेगी. राज्य सरकार की ओर से अडाणी समूह को गोड्डा में लगभग नौ सौ एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी. जहां प्लांट बन रही है.

अडानी समूह ने किया है 15 हजार करोड़ का निवेश

पूर्व की सरकार ने 2017 में हुए एमओयू में बदलाव किया. पहले किये गये एमओयू के तहत राज्य को 25 प्रतिशत बिजली अडाणी समूह देती. ये बिजली, गोड्डा में उत्पादित बिजली से मिलती. लेकिन एमओयू में हुए बदलाव के कारण, अब बिजली दूसरे देश को मिलेगी. वहीं  राज्य में उत्पादित बिजली दूसरे देश चली जायेगी. प्लांट के लिए अडाणी समूह 15000 करोड़ रूपये निवेश कर रहा है. गोड्डा में इस प्लांट को लगाने के लिए कई गांवों की जमीन ली गयी. जिसमें मोतिया, गंगटा, गोविंदपुर, पटवा, पौड़ेयाहाट, गायघाट और सोनाडीह शामिल हैं. इसे भी पढ़ें -डीवीसी">https://lagatar.in/ngt-imposes-rs-1-64-crore-fine-on-dvc-chandrapura-thermal-power-plant/123894/">डीवीसी

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