Ranchi: इंजीनियर पारस कुमार को एसीबी (तब निगरानी विभाग) ने 26 दिसंबर 2013 को भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में क्लीनचिट दे दी थी. जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया था. मामले की जांच डीएसपी राजनारायण सिंह ने की थी. अब इसी मामले की जांच डीएसपी विजय कर रहे हैं. जांच कहां तक पहुंची, इसकी जानकारी देने से वह इंकार करते हैं. इस बीच जानकारी मिली है कि इंजीनियर पारस की देवघर में कई संपत्ति हैं. जिसमें एक मैरेज हॉल भी है. मैरेज हॉल देवघर-जसीडीह मार्ग पर स्थित है. इस संपत्ति को जांच में शामिल ही नहीं किया गया था. या इसी संपत्ति को पत्नी की संपत्ति बता दिया गया था.
10 साल हो गए हैं, पर जांच पूरी नहीं हुई है. इस बीच इंजीनियर पारस रिटायर हो गए. अब वह उन कंपनियों में भी निदेशक हैं, जिनके बारे में एसीबी (तब निगरानी विभाग) ने या तो जिक्र ही नहीं किया था या फिर उन संपत्तियों को इंजीनियर पारस की पत्नी या साली की संपत्ति बताया गया था. ऐसी ही एक कंपनी है एक्सक्लूसिव निकेतन प्राइवेट लिमिटेड. इस कंपनी का पता उषा कुमारी सिन्हा, महेश नगर, रोड नंबर-01, पटना है. दस्तावेजों के अनुसार, आयकर विभाग ने वर्ष 2009 में इंजीनियर पारस के ठिकानों पर छापेमारी की थी, उसमें यह ठिकाना भी शामिल था. इस कंपनी में पारस कुमार और उषा कुमारी सिन्हा निदेशक हैं. पारस कुमार 13 नवंबर 2018 को इस कंपनी में निदेशक बनें, जबकि उषा कुमारी सिन्हा 31 मार्च 2010 से. यह कंपनी वन पर्सन कंपनी (ओपीसी) नहीं है. इसमें कम से कम दो निदेशक हो सकते हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि 13 नवंबर 2018 से पहले कोई दूसरे व्यक्ति इसके दूसरे निदेशक होंगे. पारस के रिटायरमेंट के बाद जिन्हें हटा दिया गया होगा, या वो हट गए होंगे. उषा सिन्हा एक और कंपनी ब्रम्हर्षी इंफ्रांस्ट्रक्चर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में भी निदेशक हैं. इसके दूसरे निदेशक का नाम संजय कुमार ठाकुर है. [wpse_comments_template]इंजीनियर पारस, क्लीनचिट और मैरेज हॉल

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