Lagatar Desk : एनिमेटेड 'महाप्रभु जगन्नाथ' रिलीज से पहले विवाद में घिर चुकी है. पुरी के गजपति महाराजा और धार्मिक समूहों के कड़े विरोध के बाद, ओडिशा हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थी, जिसके खिलाफ निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. फिल्म 17 जुलाई को रिलीज होने वाली थी.
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महाप्रभु जगन्नाथ क्यों हुई बैन
पुरी के 'गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव' और 'श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन' का आरोप है कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ की कहानी को शास्त्रों ('स्कंद पुराण' और 'ब्रह्म पुराण') के अनुसार नहीं, बल्कि काल्पनिक और मनगढ़ंत तरीके से दिखाया गया है.
'महाप्रभु जगन्नाथ' के कुछ सीन्स वायरल
दरअसल फिल्म के कई सीन वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिससे धार्मिक संगठनों में नाराजगी फैल गई। आरोप है कि फिल्म के कुछ सीन्स में भगवान जगन्नाथ को स्थापित धार्मिक मान्यताओं और मंदिर परंपराओं से परे अलग तरीके से चित्रित किया गया है.
फिल्म की रिलीज से ठीक पहले, एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए ओडिशा उच्च न्यायालय ने 'एले एनिमेशन प्राइवेट लिमिटेड' की फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थीउच्च न्यायालय के इस देशव्यापी रोक के आदेश को निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, यह तर्क देते हुए कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) पहले ही फिल्म को हरी झंडी दे चुका है और प्रतिबंध से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा.

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