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उद्यमी अवसरों के प्रति सजग रहें, आगे बढ़कर लाभ उठाएं : कुलपति

Hazaribagh:  आईसेक्ट विश्वविद्यालय के तरबा-खरबा स्थित मुख्य कैंपस सभागार में शनिवार को कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ. विकसित भारत के निर्माण में कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यमिता की भूमिका को लेकर वार्षिक सम्मेलन समर्थ कॉन्क्लेव का आयोजन आईसेक्ट एवं एनसीएसडीई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. इसमें झारखंड, बिहार समेत विभिन्न राज्यों से जुड़े आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि शामिल हुए. केनरा बैंक सर्किल ऑफिस रांची के असिस्टेंट मैनेजर प्रमोद कुमार, आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, केनरा बैंक के हजारीबाग एजीएम जया कृष्णा, डॉ सीवी रमण विश्वविद्यालय, वैशाली, बिहार के कुलसचिव डॉ ब्रजेश सिंह, प्रो वीसी डॉ बसंत सिंह, आईसेक्ट के बिहार/झारखंड जोनल हेड अंबरीश कुमार, एफआई आईसेक्ट के नेशनल हेड सिद्धार्थ डोगरे समेत अन्य विशेष अतिथियों के हाथों दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. बता दें कि उद्यमियों को मिली वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के उभरते क्षेत्रों की जानकारी भारत के अग्रणी सामाजिक उद्यम आईसेक्ट की ओर से देश भर के लघु उद्यमियों को सशक्त बनाने के प्रयास के तहत बीते 30 अप्रैल से आगामी 25 मई तक भारत के 19 राज्यों में राज्य सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-cbi-will-file-disproportionate-assets-case-against-the-arrested-colliery-agent/">धनबाद

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19 राज्यों में राज्य सम्मेलनों का आयोजन

यह कॉन्क्लेव विकसित भारत के निर्माण के हमारे साझा मिशन में एक साथ आने, सीखने और सहयोग करने का एक अनूठा मंच है. इस अवसर पर अपने वक्तव्य में विशेष अतिथि केनरा बैंक सर्किल ऑफिस रांची के असिस्टेंट मैनेजर प्रमोद कुमार ने कहा कि सामाजिक उद्यमिता और कौशल विकास देश में समावेशी विकास प्राप्त करने के लिए दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. आज कौशल विकास के जरिए ही रोजगार एवं स्वरोजगार से युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ा जा सकता है. साथ ही देश की आर्थिक प्रगति के द्वारा खोले जा सकते हैं. वहीं आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि उद्यमियों के लिए यह आवश्यक है कि वे कौशल विकास में उत्पन्न हो रहे नए अवसरों के प्रति सजग रहें और आगे बढ़कर लाभ उठाएं. जबकि कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि आईसेक्ट की स्थापना 1985 में ग्रामीण और अर्ध शहरी जनता के बीच डिजिटल विभाजन को पाटने और एक सक्षम पीढ़ी के निर्माण के लिए की गई थी. जिसमें बहुत हद तक सफलता मिली है. मौके पर एआर विजय कुमार, अनुप श्रीवास्तव, अमित कुमार, चांदनी, अनीमा, चंदन कुमार, रजनी, मुस्कान सोनी, शुभम कुमार, पारितोष पाण्डेय, प्रशांत बेसरा, अनिल महतो, तौहीद आलम, कपिल कुमार, आदित्य कुमार, आर्यन कुमार, संतोष कुमार, सन्नी सहित अन्य मौजूद थे. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/rjds-star-campaigners-in-jharkhand-include-tejashwi-tej-pratap-siddiqui-kailash-yadav-and-abid/">झारखंड

में राजद के स्टार प्रचारकों में तेजस्वी, तेजप्रताप, सिद्दीकी, कैलाश यादव व आबिद शामिल
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