
Manoj Kumar Mishra
झारखंड में SME और MSME सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ हैं. बदलते व्यापारिक परिदृश्य में इन उद्यमों के लिए तकनीकी उन्नति को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है. रिकॉर्ड रखने, बिलिंग करने, जीएसटी गणना करने समेत तमाम कार्य ERP सॉफ्टवेयर से बहुत आसान हो जाता है. ERP सॉफ्टवेयर (Marg, Tally और Busy) जैसे सॉफ्टवेयर व्यापारियों के लिए वरदान से कम नहीं है.
ERP की जरूरत क्यों
- - पारंपरिक लेखा (एकाउंटिंग) और स्टॉक प्रबंधन प्रणाली में गड़बड़ियों की गुंजाइश रहती है.
- - GST अनुपालन, इनवॉइसिंग, इन्वेंट्री ट्रैकिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए ERP अनिवार्य है.
- - Marg ERP विशेष रूप से फार्मा और FMCG सेक्टर में उपयोगी है, जबकि Tally और Busy विभिन्न उद्योगों में वित्तीय प्रबंधन को सटीक और तेज़ बनाते हैं.
ERP का प्रभाव
- - व्यापार में पारदर्शिता और तेजी आती है, जिससे उद्यमी बेहतर निर्णय ले पाते हैं.
- - समय और लागत की बचत होती है, जिससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव होता है.
- - क्लाउड आधारित समाधान व्यापार को कहीं भी, कभी भी संचालित करने की सुविधा देते हैं.
- - झारखंड के MSME सेक्टर में इन सॉफ्टवेयर्स का उपयोग स्थानीय व्यापार को संगठित कर रहा है और उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है.
निष्कर्ष
ERP सॉफ्टवेयर अब कोई फैशन नहीं रहा है, बल्कि व्यापारिक सफलता की कुंजी बन चुके हैं. झारखंड के व्यापार समुदाय के लिए Marg, Tally और Busy जैसे समाधान न केवल व्यापार को आधुनिक व प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
Leave a Comment