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गलत बिजली बिल, पलामू के अविनाश ने कहा- आत्महत्या कर लूंगा, सीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा

Ranchi/Palamu : पलामू के पाटन निवासी अविनाश कुमार गौतम ने बिजली विद्युत मंडल मेदिनीनगर के कथित रुप से भ्रष्ट अधिकारी और गलत बिजली बिल जारी करने पर आत्महत्या कर लेने की बात की. इसे लेकर उसने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया. पोस्ट में उसने सहायक अभियंता को दिया गया आवेदन और बिजली मीटर की तस्वीर संलग्न करते हुए सीएम हेमंत सोरेन को टैग किया. जिसके बाद सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड बिजली वितरण निगम (JBVNL) के मुख्यालय और एमडी को टैग करते हुए लिखा कि यह स्थिति कतई बर्दास्त के लायक नहीं है.
 

Ranchi/Palamu : पलामू के पाटन निवासी अविनाश कुमार गौतम ने बिजली विद्युत मंडल मेदिनीनगर के कथित रुप से भ्रष्ट अधिकारी और गलत बिजली बिल जारी करने पर आत्महत्या कर लेने की बात की. इसे लेकर उसने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया. पोस्ट में उसने सहायक अभियंता को दिया गया आवेदन और बिजली मीटर की तस्वीर संलग्न करते हुए सीएम हेमंत सोरेन को टैग किया. जिसके बाद सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड बिजली वितरण निगम (JBVNL) के मुख्यालय और एमडी को टैग करते हुए लिखा कि यह स्थिति कतई बर्दास्त के लायक नहीं है. 

 

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पलामू के पाटन निवासी अविनाश कुमार, जिनसे कथित रुप से बिजली बिल का 50 प्रतिशत घूस मांगा गया.

 

इसके साथ ही सीएम ने बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले का तुरंत संज्ञान लें. भूल को सुधारें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें. साथ ही कार्रवाई की सूचना दें. सीएम ने निगम के अधिकारियों से यह भी कहा कि ऐसे सभी मामलों का सही निष्पादन सुनिश्चित करें.

 

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30 सितंबर को अविनाश कुमार का दिया आवेदन.

 

दरअसल, अविनाश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा है कि बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यशैली से प्रभावित होकर मैं (अविनाश कुमार गौतम) आत्महत्या करने के लिए मजबूर हूं. विभाग के अधिकारी मीटर को अनदेखा करते हैं, गलत बिल जारी करते हैं और बिल सुधार के नाम पर बिल का 50 प्रतिशत रिश्वत की मांग करते हैं.

 

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बिजली मीटर की तस्वीर.

 

अविनाश कुमार पलामू जिला के पाटन के सिक्कीकला के मेराल गांव निवासी रामदास महतो के पुत्र हैं. उनके नाम दुकान का एक बिजली कनेक्शन है, जिसका कंज्यूमर नंबर - P10639 है. 15 दिसंबर 2021 को पहला बिल 1280 रूपया का आया, जिसे उन्होंने जमा कर दिया. 11 मार्च 2022 को दूसरा बिल 322 रुपये का आया. मीटर रीडिंग के अनुसार दोनों बिल आया. इसके बाद मीटर रीडिंग को अनदेखा करते हुए 21,128 रुपये का गलत बिल जारी किया गया.

 

बिल की राशि में भुगतान के लिए उन्होंने 30 सितंबर 2024 को सहायक अभियंता को आवेदन दिया. लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया. जैसा कि उन्होंने पोस्ट में लिखा है, बिल में सुधार के लिए उनसे बिल की राशि का 50 प्रतिशत रिश्वत के रुप में मांगा गया. परेशान होकर उन्होंने 21 अप्रैल को सीएम को संबोधित करते हुए एक्स पर अपनी पीड़ा बतायी. 

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