NewDelhi : एस्सार समूह (Essar Group) के सह-संस्थापक (Co-founder) शशिकांत रुइया का निधन हो गया. 81 वर्षीय शशिकांत रुइया ने मुंबई में अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से बीमार थे और अमेरिका में उनका इलाज चल रहा था. वह करीब एक महीने पहले ही भारत लौटे थे. शशिकांत रुइया का पार्थिव शरीर आज मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक रुइया हाउस में रखा जायेगा. इसके बाद शाम 4 बजे अंतिम संस्कार जुलूस रुइया हाउस से मुंबई के हिंदू वर्ली श्मशान घाट की ओर निकलेगा. शशिकांत रुइया के भाई रवि रुइया ने इस बात की जानकारी दी.
https://twitter.com/AHindinews/status/1861261039238832237 रुइया की असाधारण विरासत हम सभी के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी
रुइया के निधन पर परिवार की ओर से जारी आधिकारिक बयान जारी किया गया है. बयान में कहा गया कि शशिकांत रुइया की असाधारण विरासत हम सभी के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी. हम उनके दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और उनकी ओर कायम किये गये मूल्यों को हम जारी रखेंगे. सामुदायिक उत्थान और परोपकार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ उन्होंने लाखों लोगों के जीवन पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ा. उनकी विनम्रता, गर्मजोशी और हर किसी से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें वास्तव में एक असाधारण नेता बनाया. बता दें कि शशिकांत रुइयाके परिवार में पत्नी मंजू और दो बेटे प्रशांत और अंशुमान हैं.
दूरदर्शी नेतृत्व व उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के व्यावसायिक परिदृश्य को बदला
शिकांत रुइया के निधन पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शशिकांत रुइया जी उद्योग जगत की एक महान हस्ती थे. उनके दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के व्यावसायिक परिदृश्य को बदल दिया. उन्होंने नवप्रवर्तन और विकास के लिए उच्च मानक भी स्थापित किये. वह हमेशा विचारों से भरे रहते थे. वह हमेशा चर्चा करते थे कि हम अपने देश को कैसे बेहतर बना सकते हैं. शशि जी का निधन अत्यंत दुखद है. दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं.
https://twitter.com/narendramodi/status/1861256799250444755 शशिकांत ने 1969 में अपने भाई के साथ मिलकर एस्सार की नींव रखी
बता दें कि उद्यमी उद्योगपति शशिकांत रुइया ने अपने करियर की शुरुआत 1965 में अपने पिता नंद किशोर रुइया के मार्गदर्शन में की थी. उन्होंने अपने भाई रवि के साथ मिलकर 1969 में एस्सार की नींव रखी. उन्हे पहला ऑर्डर 2.5 करोड़ रुपये का मिला था. यह ऑर्डर एस्सार को मद्रास पोर्ट ट्रस्ट की तरफ से मिला था. शुरुआती समय में एस्सार ग्रुप कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग सेक्टर में काम कर रहा था. कंपनी ने कई पुल, पावर प्लांट आदि का कंस्ट्रक्शन किया है. 1980 में एस्सार ग्रुप ने एनर्जी सेक्टर में कदम रखा था. 1990 के दौरान कंपनी ने अपने बिजनेस को विस्तार देना शुरू कर दिया. एस्सार ग्रुप ने स्टील और टेलीकम्युनिकेशन्स सेक्टर में भी कदम रखा.
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