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20 साल बाद भी बिहार से झारखंड को नहीं मिला तीन डेयरी प्लांट का स्वामित्व : बादल

 
  • कृषि मंत्रीने कहा, किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति बहुत ही खराब
  • बैंकों से नहीं मिल रहा सपोर्ट, केंद्र करे सहयोग
  • विश्व दुग्ध दिवस पर श्रीनगर में जुटे विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री
Ranchi/ Srinagar : विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर श्रीनगर में आयोजित बैठक में झारखंड के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने कहा कि राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति बहुत ही खराब है. बैंकों के द्वारा सपोर्ट नहीं किया जाता है, इसे लेकर केंद्र सरकार को सहयोग करने की आवश्यकता है. कहा कि झारखंड में प्रति व्यक्ति 200 ग्राम दुग्ध उत्पादन होता है, जो काफी कम है. बिहार से झारखंड को अलग हुए दो दशक से ज्यादा हो गए हैं , लेकिन आज तक सुधा के तीन डेरी प्लांट का स्वामित्व झारखंड को नहीं मिला है. यह बैठक शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में  केंद्रीय मंत्री मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी पुरुषोत्तम रुपाला की अध्यक्षता में हुई, बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे. देश के विभिन्न राज्यों से यहां मंत्री पहुंचे थे. इस कार्यक्रम में मंत्री बादल के साथ विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीक मौजूद थे.

झारखंड में लक्ष्य 92,00,000 लीटर दूध का रखा है

बादल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्य तय करें. दुग्ध उत्पादन सहित अन्य योजनाओं के लिए और देश के विभिन्न राज्यों को भी वहां के भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर एक लक्ष्य दें, जिससे हम बेहतर कर सकते हैं. मुख्यमंत्री पशुधन स्कीम के तहत हम 75 प्रतिशत से लेकर 90 फ़ीसदी तक सब्सिडी अपने किसान भाइयों को देते हैं. हमारा राज्य आदिवासी बहुल राज्य है. हम लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं. हमने इस वर्ष दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य 92,00,000 लीटर दूध का रखा है.

केंद्र सरकार सूखा राहत का पैसा दे

कृषि मंत्री बादल ने केंद्रीय मंत्री के सामने झारखंड सरकार के द्वारा 226 ब्लॉक को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के मामले को भी रखा. उन्होंने कहा कि केंद्र की टीम झारखंड के दौरे पर आई थी, उन्होंने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है, केंद्र सरकार सूखा राहत का पैसा देती है, तो इससे लाखों पशुपालकों का कल्याण होगा. बादल ने कहा कि हमारे यहां पशुओं को होने वाली बीमारी के जांच के लिए डायग्नोसिस लैब नहीं है. केंद्र सरकार के द्वारा इसे दिया जाए. बेकन फैक्ट्री को रिवाइव करने के लिए कंसल्टेंसी सपोर्ट दी जाए. मॉडर्न रेफरल अस्पताल खोलने में हमें हर प्रकार का सपोर्ट चाहिए. इसे भी पढ़ें – पाइप">https://lagatar.in/there-should-be-no-carelessness-in-laying-pipeline-officers-should-act-responsibly-cm/">पाइप

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