Ranchi : नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह के आगे मंत्री और सांसद भी बौने हैं. मंत्री और सांसद ने राज्यपाल से मुलाक़ात कर चांसलर पोर्टल खोलने का अनुरोध किया.
इसके बाद कुलपति ने कॉलेजों की बैठक बुलाई. लेकिन कुलपति ने चांसलर पोर्टल नहीं खोला. इससे क़रीब तीन हज़ार छात्रों का एक साल बर्बाद होने की खतरा पैदा हो गया है.
कुलपति दिनेश सिंह पर चांसलर पोर्टल खोलने में भेदभाव बरतने का आरोप लगा था. क्योंकि उन्होंने कुछ कॉलेजों में लिये गये ऑफ़लाइन एडमिशन के लिए पोर्टल खोला.
एके सिंह कॉलेज द्वारा चांसलर पोर्टल पर सिर्फ 28 जुलाई 2025 तक ही एडमिशन के लिए आवेदन दिया जा सका.
दूसरी तरफ़ गुलाब चंद्र अग्रवाल कॉलेज ने 20 सितंबर 2025, बनवारी साहू कॉलेज ने 14 अक्टूबर 2025 और मज़दूर किसान कॉलेज ने 5 नवंबर 2025 को भी चांसलर पोर्टल पर आवेदन अपलोड किया.
साथ ही इसे स्वीकार किया गया. इस तरह इन कॉलेजों में 28 जुलाई 2025 के बाद भी चांसलर पोर्टल पर आवेदन अपलोड किया गया.
अभी भी नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के अधीन चलने वाले कई कॉलेजों में ऑफ़लाइन एडमिशन लेने वाले करीब तीन हज़ार छात्रों का आवेदन चांसलर पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है.
इस स्थिति को देखते हुए इन कॉलेजों के पदाधिकारियों और छात्रों ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मामले की शिकायत की और चांसलर पोर्ट खुलवाने का अनुरोध किया. ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बचाया जा सके.
छात्रों द्वारा की गयी शिकायतों के बाद राज्य के वित्त मंत्री और सांसद बीडी राम ने राज्यपाल से मुलाक़ात की और समस्या के समाधान का अनुरोध किया. इसके बाद कुलपति ने कालेजों की बैठक बुलायी. लेकिन अब वह पोर्ट नहीं खोलने के लिए UGC के नियमों का हवाला दे रहा है.
सूत्रों के अनुसार, कुलपति की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि एडमिशन के बाद कम से कम 90 दिनों का क्लास होना चाहिए. अगर 2025-29 शैक्षणिक सत्र को छात्रों का नामांकन अब किया जाता है तो सेमेस्टर-1 की परीक्षा जून 2026 में लेनी होगी. इससे सत्र में विलंब होगा.
इस प्रकरण में सबसे मजेदार बात यह है कि सत्र में विलंब होने का दम भरने वाले कुलपति ने ख़ुद की 2025-29 के शैक्षणिक सत्र का सिलेबस 2026 में जारी किया है.
विश्वविद्यालय ने जूलॉजी के सिलेबस के लिए 8 जनवरी 2026, मनोविज्ञान के लिए 8 जनवरी 2026 और इतिहास के सिलेबस के लिए 10 जनवरी 2026 को आदेश जारी किया गया. यानी 2025-29 सत्र के छात्रों की पढ़ाई 2025 में बिना सिलेबस के ही हुई.

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