Search

प्रचंड गर्मी और जल संकट ने किया नगर निकायों का एक्शन प्लान फेल

Ranchi: झारखंड में प्रचंड गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. शहरी इलाकों का बुरा हाल है. रांची समेत राज्य के सभी 49 नगर निकायों में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है. भीषण जल संकट की आशंका को देखते हुए नगर विकास विभाग ने फरवरी 2023 में ही सभी निकायों को एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन कागजों में बना एक्शन प्लान कागजों में ही सिमट गया. पानी की किल्लत शुरू होने से पहले पेयजल संकट की शिकायतों को दर्ज करने और उनपर कार्रवाई करने के लिए सभी निकायों ने टोल फ्री नंबर जारी किया. नोडल ऑफिसर नियुक्त किये गये. एचवाईडीटी बोरिंग दुरूस्त किये गये, लेकिन जैसे ही गर्मी बढ़ी और पानी की किल्लत शुरू हुई नगर निकायों का सारा सिस्टम ध्वस्त हो गया. जब पानी और पानी पहुंचाने के लिए निकायों के पार टैंकर और अन्य जरूरी संसाधन ही नहीं है, तब शिकायतों का निपटारा होगा कैसे. गर्मी परवान पर है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, तब नगर निकाय टैंकर खरीद रहे हैं. इसे भी पढ़ें -BREAKING">https://lagatar.in/breaking-rahul-gandhi-challenges-physical-appearance-order-in-hc-in-modi-surname-case/">BREAKING

: मोदी सरनेम केस में राहुल गांधी ने सशरीर हाजिर होने के आदेश को HC में दी चुनौती

एक-दो दिन में रांची नगर निगम को मिलेगा 10 टैंकर

पानी की सबसे ज्यादा किल्लत रांची नगर निगम क्षेत्र में है. राजधानी में पानी आपूर्ति के लिए करीब 100 टैंकरों की जरूरत है, लेकिन निगम के पास 50 टैंकर ही हैं. इनमें से 15 जर्जर हालत में हैं. शहर के 53 वार्डों में से 15 वार्ड ड्राइ जोन में आते हैं. इन जगहों पर पानी की ज्यादा खपत है. नगर आयुक्त शशिरंजन ने बताया कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए 10 अतिरिक्त टैंकर कe टेंडर किया गया था. वर्क ऑर्डर दिया जा चुका है. एक-दो दिन में नगर निगम को टैंकर मिल जाएगा. फिलहाल रांची के 320 जगहों पर टैंकर से पानी दिया जा रहा है. 10 टैंकर खरीदने के बाद भी पानी की किल्लत खत्म नहीं होती है तो और टैंकर खरीदे जाएंगे.

चास नगर निगम में हर दिन 1-2 बोरिंग हो रहा फेल

चास नगर निगम क्षेत्र में भी पानी की भारी किल्लत है. चास/बोकारो शहर के 35 वार्डों में 15 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है. नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम के पास पेयजल किल्लत से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन तो हैं, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. हर वार्ड में ड्राइ जोन है. हर दिन 1-2 बोरिंग फेल होने की शिकायत आ रही है. निगम की सप्लाई वाटर सिस्टम ठीक है, इसलिए अभी स्थिति कंट्रोल में है. 160 बोरिंग और 650 चापाकल भी अभी चालू हालत में हैं.

दुमका में जलसंकट दूर करने के लिए हेरू डैम का गहरीकरण

दुमका नगर परिषद के कई वार्ड ड्राइ जोन है. भीषण गर्मी में लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं. नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पंकज कुमार ने बताया कि अभी स्थिति कंट्रोल में है. एक्शन प्लान बनाकर काम किया जा रहा है. पानी संकट से निपटने के लिए हेरू डैम का गहरीकरण किया जा रहा है. 22 वार्ड के ड्राइ जोन के लिए 12 टैंकर रखे गये हैं. 522 चापाकल फंक्शनल हैं.

झारखंड के शहरी इलाकों को 1616 लाख गैलन पानी की जरूरत, उपलब्ध है सिर्फ 734 गैलन

शहरों में लगातार हो रहे बोरिंग और भूगर्भ जल के दोहन से यह हालत पैदा हो गई है. भूगर्भ जल 20 से 25 फीट तक नीचे चले गये हैं. भूगर्भ जल का दोहन 2 साल में दो फीसदी बढ़ गया है. रांची के अलावा बोकारो, जमशेदपुर, गिरिडीह, धनबाद समेत सभी शहरों में यही स्थिति है. राज्य के शहरी क्षेत्रों में 1616.3 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन उपलब्धता सिर्फ 734.53 गैलन है. इसे भी पढ़ें -बिहार">https://lagatar.in/bihar-on-stage-cm-nitish-mistakenly-called-his-principal-secretary-as-principal-secretary-to-the-prime-minister/">बिहार

: मंच पर सीएम नीतीश ने गलती से अपने प्रधान सचिव को कह दिया प्रधानमंत्री का प्रधान सचिव

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp