दहेज हत्या पर उम्रकैद की सजा का है प्रावधान
आइपीसी की धारा 304 बी में यह प्रावधान है कि दहेज के लिए हत्या का मामला साबित होने पर कम से कम सात साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक दी जा सकती है. कानून के मुताबिक, यदि शादी के सात साल के भीतर असामान्य परिस्थितियों में लड़की की मौत होती है और मौत से पहले दहेज प्रताड़ना का आरोप साबित हो जाता है, तो महिला के पति और रिश्तेदारों को ये सजा हो सकती है.दहेज उत्पीड़न मामले में ये है सजा का प्रावधान
आइपीसी की धारा 498-ए दहेज उत्पीड़न से जुड़ी है. इसमें महिला के पति और उसके रिश्तेदारों की ओर से दहेज की मांग पर सजा का प्रावधान है. ऐसे मामलों में 3 साल की कैद और जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा आइपीसी की धारा 406 के तहत अगर महिला का पति या उसके ससुराल के लोग उसके मायके से मिला पैसा या सामान उसे सौंपने से मना करते हैं, तो इस मामले में भी तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है.राज्य में पिछले 67 महीने में 1519 महिलाओं की दहेज के लिए हुई हत्या
साल मौत 2017 273 2018 271 2019 301 2020 3 04 2021 281 2022( जुलाई महीने तक) 89 इसे भी पढ़ें – आपकी">https://lagatar.in/aapki-sarkar-aapke-dwar-programme-camps-will-be-organized-in-the-ward-office-of-ranchi-municipal-corporation/">आपकीसरकार आपके द्वार कार्यक्रम : रांची नगर निगम के वार्ड कार्यालय में शिविर लगाये जाएंगे [wpse_comments_template]

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