: परिचारिका श्रेणी-ए के चयनित 16 उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र की जांच 12 जनवरी को
हिंदी भाषा हम सबकी पहचान है - मुख्य वक्ता
मुख्य वक्ता और इस प्रशिक्षण के संचालक नवीन कुमार प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया की आबादी लगभग 800 करोड़ है और इसमें हर आठवां व्यक्ति हिंदी बोलने वाला है. जो हिंदी की महत्ता को दर्शाता है और यह हमारी पहचान को भी अभिव्यक्त करता है. नि:संदेह हिंदी भाषा आपकी, हमारी और हम सब की पहचान है. इससे आगे उन्होंने कहा कि कि देशभर में जितने भी धार्मिक आंदोलन और राष्ट्रीय आंदोलन हुए हैं, सुदूर दक्षिण से उत्तर और पूर्व से पश्चिम सभी की मुख्य अभिव्यक्ति का माध्यम हिंदी ही रही है.ऐसे कार्यक्रमों से बढ़ी है कार्मिकों की कार्यक्षमता
निदेशक परियोजना प्रधान संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लगातार आयोजित इन सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से हमारी परियोजना के कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ी है. साथ ही उनकी कार्य गुणवत्ता में भी काफी सुधार आया है. राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में डीवीसी हजारीबाग को राष्ट्रीय पहचान मिली है, इसके लिए उन्होंने सभी कार्मिकों, हिन्दी विभाग से जुड़े कार्मिकों और मंत्रालय का विशेष आभार जताया. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से राहुल रंजन, आरएल प्रसाद, बिनोद बिहारी, प्रशांत कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, अनिल कुमार मिश्रा, शंकर कुमार झा, कृष्णा सरकार, एसएफ गनी, आशा देवी, संजय ठाकुर, गंगाधन महतो, शंकर सिंह, मनोहर पांडेय, अरविंद कुमार, सुनील कुमार, धीरज कुमार, अवधेश कुमार मौर्या, एनके पटेल भाग लिया. इसे भी पढ़ें - Breaking">https://lagatar.in/jain-monk-sugyasagar-who-was-on-hunger-strike-for-9-days-gave-up-his-body-to-save-sammed-shik/">Breaking: सम्मेद शिखर बचाने के लिए 9 दिन से अनशन पर बैठे जैन मुनि सुज्ञयसागर ने त्यागा देह [wpse_comments_template]

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