Saurav Singh
Ranchi : झारखंड में हर महीने 21 अज्ञात शव बरामद हो रहे हैं. पिछले 51 माह में राज्य के विभिन्न जिलों से 1039 शव बरामद हुए हैं, जिनकी अब तक पहचान नहीं हो पायी है. सबसे अधिक रेल धनबाद से 265 और रेल जमशेदपुर से 125 अज्ञात शव मिले हैं. (पढ़ें, विज्ञान">https://lagatar.in/gst-council-meeting-on-october-7-at-vigyan-bhawan/">विज्ञान
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जानें किस जिले से कितने अज्ञात शव हुए बरामद
| जिला | शव बरामद |
| रेल धनबाद | 265 |
| रेल जमशेदपुर | 125 |
| गढ़वा | 06 |
| चाईबासा | 42 |
| जमशेदपुर | 91 |
| बोकारो | 32 |
| रांची | 70 |
| धनबाद | 27 |
| सरायकेला | 51 |
| गिरिडीह | 31 |
| दुमका | 32 |
| साहिबगंज | 08 |
| कोडरमा | 10 |
| खूंटी | 12 |
| गुमला | 27 |
| पाकुड | 08 |
| जामताड़ा | 19 |
| लातेहार | 27 |
| पलामू | 21 |
| देवघर | 23 |
| सिमडेगा | 14 |
| हजारीबाग | 10 |
| चतरा | 10 |
| कोडरमा | 04 |
| रामगढ़ | 03 |
| गोड्डा | 07 |
| लोहरदगा | 07 |
| कुल | 1039 |
अज्ञात शवों की पहचान के लिए 72 घंटे का समय निर्धारित
जानकारी के अनुसार, अज्ञात शवों की पहचान के लिए 72 घंटे का समय निर्धारित है. शव मिलने के 72 घंटे के भीतर एक इश्तेहार अखबार में छपवाया जाता है. अज्ञात शवों के संबंध में कपड़े, रंग, पहनावा और हुलिया का प्रकाशन किया जाता है. लेकिन अधिकांश मामलों में इसकी पहचान नहीं हो पाती है. इसका प्रकाशन सीआईजी (क्राइम इंवेस्टिगेशन गजट) के तहत कराया जाता है. 72 घंटे के इंतजार के बाद शव को मुक्त करते हुए पुलिस अपने स्तर पर अंतिम संस्कार कराने के लिए स्वतंत्र हो जाती है या किसी संस्था को भी यह काम दिया जा सकता है.
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हत्या या यूडी में दर्ज होते हैं मामले
अज्ञात शव मिलने पर अक्सर अस्वाभाविक मौत (यूडी) के मामले दर्ज होते हैं. हालांकि पुलिस को लगता है कि सिर कुचला है या चेहरे पर जख्म है तो हत्या के मामले भी दर्ज किये जाते हैं. कोई सुराग नहीं मिलने पर सत्य सूत्रहीन कर कोर्ट को रिपोर्ट भेज दी जाती है. कई बार ऐसा भी होता है कि हत्या कर शव को दूसरी जगह फेंक दिया जाता है. मृतक आसपास के इलाके के नहीं होते तो पहचान भी नहीं होती है. 72 घंटे के दौरान यदि शव की पहचान नहीं हो पाती है तो पुलिसिया कार्रवाई से मुक्त कर अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा सकता है.
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