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हर शिक्षक दार्शनिक हैः डॉ राजकुमार शर्मा

Ranchi: गोस्नर कॉलेज में विषय संकाय संवर्धन कार्यक्रम दूसरा दिन भी जारी रहा. यह कार्यक्रम गोस्सनर कॉलेज के आईक्यूएसी की ओर से चल रहा है. दूसरे दिन का विषय एनईपी 2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली की नींव तथा नेतृत्व और संस्थागत कार्यान्वयन रखा गया था. कार्यक्रम दो सत्र में हुआ. पहले सत्र में मुख्य वक्ता डॉ राजकुमार शर्मा शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हर शिक्षक दार्शनिक है. विद्यार्थियों को नई शिक्षा पद्धति में व्यावसायिक कोर्स करनी चाहिए. क्योंकि स्किल डेवलेपमेंट के लिए यह शिक्षा जरूरी बन गया है. कहा कि नौकरियों के क्षेत्र में काफी कंपिटिशन हो गया है. इसलिए व्यावसायिक कोर्स को शिक्षा के क्षेंत्र में शामिल किया गया है. नई शिक्षा पद्धति में आईकेएस (IKS) को भी शामिल किया गया है. भारतीय परंपरा और ज्ञान ने पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. भारतीय संस्कृति में पश्चिमी संस्कृति का असर होता है क्योंकि भारत में पश्चिमी वस्तुओं का उपभोग होता है. कार्यक्रम का संचालन प्रो आमोस टोपनो ने किया.

विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच से आगे बढ़ने की जरूरतः डॉ रमण

वही दूसरे सत्र में इक्फाई विश्वविद्यालय, झारखंड के कुलपति प्रो डॉ रमण कुमार झा शामिल हुए. कहा कि विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है. नई शिक्षा पद्धति को चार भागों में बांटा गया है. आज के समय समाज की जरूरत को ध्यान रखा गया है. इसके बाद ही इसे लागू किया गया है. वर्तमान में शिक्षा व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर होनी चाहिए. शिक्षा में गुणवत्ता होनी चाहिए. भेदभाव करने वाली शिक्षा नहीं होनी चाहिए. दूसरे सत्र का संचालन राजनीति शास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ बिंदु सोरेंग ने किया. मौके पर प्रो इंचार्ज प्रो इलानी पूर्ति, बर्सर प्रो प्रवीण सुरीन, कन्वेनर डॉ अजय कुमार सहित तीनों संकाय के फैकल्टी इंचार्ज, विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्ष सहित सभी प्राध्यापक और कर्मी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें – शेख">https://lagatar.in/india-will-not-extradite-sheikh-hasina-visa-extended-bangladesh-cancelled-passport/">शेख

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