Ranchi : झारखंड में सक्रिय अलग-अलग नक्सली संगठन हर साल औसतन 34 लोगों की हत्या कर रहे हैं. साल 2000 से साल 2024 के फरवरी माह यानी 24 सालों में नक्सली संगठनों ने 826 आम लोगों की हत्या की है. गौरतलब है कि झारखंड के इतिहास में नक्सली संगठन हमेशा से ग्रामीणों को अपना निशाना बनाते रहे हैं. कभी मुखबिर के नाम पर तो कभी पनाह नहीं देने के नाम पर नक्सली आम लोगों की हत्या कर रहे हैं.
नक्सलियों के निशाने पर मुखबिर
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के निशाने पर पुलिस के मुखबिर हैं. पुलिस को चप्पे-चप्पे की जानकारी मिले, इसलिए पुलिस अनाधिकृत तौर पर मुखबिरों को बहाल करती है. नक्सली गतिविधि और दूसरी ऐसी खबरों के बदले पुलिस की तरफ से मुखबिरों को कुछ इनाम भी मिलता है. इनाम में क्या और कितना मिलता है. यह सरकार के रिकॉर्ड में भी नहीं होता है. नक्सली इलाकों में मुखबिरों की ही वजह से पुलिस को कई बार बड़ी कामयाबी मिलती है. लेकिन इस बात की जानकारी नक्सलियों को अगर हो जाती है तो वो खबर देने वाले मुखबिर को जान से मार देते हैं. हाल के महीने में इस तरह के कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जिसमें नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप में लोगों को मारा है.
जानें नक्सलियों ने किस साल कितने लोगों की हत्या की
साल | कितने लोगों की हत्या |
2000 | 13 |
2001 | 36 |
2002 | 25 |
2003 | 43 |
2004 | 16 |
2005 | 28 |
2006 | 18 |
2007 | 65 |
2008 | 61 |
2009 | 68 |
2010 | 73 |
2011 | 79 |
2012 | 49 |
2013 | 47 |
2014 | 49 |
2015 | 15 |
2016 | 34 |
2017 | 27 |
2018 | 17 |
2019 | 20 |
2020 | 08 |
2021 | 11 |
2022 | 06 |
2023 | 14 |
2024 (24 फरवरी तक) | 03 |
कुल | 826 |
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