Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

EXCLUSIVE : 64 संगठनों की होगी जांच, प्रतिबंधित भाकपा माओवादी से संबंध होने का संदेह

  • सबसे ज्यादा 29 संगठन राजधानी रांची से संचालित, स्पेशल ब्रांच को मिला जांच का जिम्मा
Saurav Singh Ranchi : झारखंड के 16 जिलों में संचालित 64 संगठनों की जांच के आदेश दिए गए हैं. प्रतिबंधित भाकपा माओवादी से संबंधित होने के संदेह में झारखंड पुलिस ने स्पेशल ब्रांच को जांच का जिम्मा दिया है. जिन 64 संगठनों की जांच के आदेश दिये गये हैं, उनमें सबसे अधिक 29 संगठन रांची जिला से संचालित हो रहे हैं. इसके अलावा चाईबासा में 09, धनबाद में 02, सरायकेला में 06, जमशेदपुर में 20, बोकारो में 07, गिरिडीह में 04, पाकुड़ में 03, चतरा में 02, लातेहार में 03, दुमका में 01, गढ़वा में 01, गुमला में 02, रामगढ़ में 01, लोहरदगा में 01 और खूंटी में 01 संगठन शामिल है. इनमें से कई ऐसे भी संगठन है, जो एक साथ कई जिले से एक साथ संचालित हो रहे हैं.

इन 64 संगठनों की जांच के आदेश दिए गए हैं

1- झारखंड जनअधिकार महासभा 2- झारखंड जन संघर्ष मोर्चा 3- विस्थापन विद्रोही जन विकास आंदोलन 4- झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन 5- केंद्रीय जन संघर्ष समिति, 6- झारखंड काउंसिल फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स 7- आदिवासी वूमेन नेटवर्क संगठन 8- एसोसिएशन फॉर प्रोटक्शन फॉर सिविल राइट्स 9- एकता नारी सशक्ति संगठन, 10- एकता परिषद 11- झारखंड नागरिक प्रयास, 12- जंगल बचाओ आंदोलन 13- झारखंड एनआरईए वॉच 14 - समाजवादी जन परिषद, 15 - ट्राईबल रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर 16 - झारखंड लोकतंत्र बचाओ मंच 17 - यूनाइटेड मिली फोरम 18 - आदिवासी मूलवासी अधिकार मंच 19 - आदिवासी सेंगल अभियान 20 – सीपीआई रेड स्टार 21 बगाईचा 22- साझा कदम 23- पीयूसीएल 24 - गांव गणराज्य परिषद 25- हासा और भाषा जगाओ संगठन 26- मेहनतकश महिला संघर्ष समिति 27- आदिवासी मूलवासी विकास मंच 28 - झारखंड किसान परिषद 29 - सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर आफ इंडिया 30 - जनवादी सांस्कृतिक विचार मंच 31- एआईडीएसओ, 32- एआईडीएफ 33- द ग्राम सभा और लोकतंत्र न्यूज पोर्टल 34- जगुआर बालसी 35- आरवाईए 36- विस्थापित मुक्ति वाहिनी 37- झारखंड ऑर्गेनाइजेशन अगेंस्ट रेडिएशन जादूगोड़ा 38- यूसीआईएल 39- जल जंगल सुरक्षा समिति 40- झारखंड विस्थापन विद्रोही एकता मंच 41- दलमा जन मुक्ति संघर्ष वाहिनी 42- झारखंड मुक्ति वाहिनी 43- विस्थापित मुक्ति वाहिनी 44- दलमा मुक्ति वाहिनी 45- वन समिति 46- नीलांबर पीतांबर एकजुटता मंच 47- जोहर असंगठित मजदूर संघ 48- विस्थापित साझा मंच 49- महिला मुक्ति संघर्ष समिति 50- अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा 51- झारखंड जेनरल कामगार यूनियन 52- आदिवासी हो मार्शल सुसून अखाड़ा 53- जल जंगल जमीन अधिकार रक्षा मंच 54- झारखंड क्रांतिकारी महिला समिति 55- जन जागरण वन अधिकार समिति 56- खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच 57- आदिवासी अधिकार मंच 58- ह्यूमन रिसोर्स लॉ नेटवर्क 59- हॉफमैंस लॉ एसोसिएट 60- यंग स्टार यूनिटी 61- नव आजादी लोकमंच 62- आदिवासी संघर्ष मोर्चा 63- शहीद स्टेन स्वामी न्याय मोर्चा 64- जोहर फाउंडेशन.

अति माओवाद प्रभाव वाले 25 में से 8 जिले झारखंड के

झारखंड के आठ जिले माओवादियों की सक्रियता के लिहाज से अति माओवाद प्रभाव श्रेणी में हैं. वहीं राज्य के 16 जिलों में माओवादियों का प्रभाव है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, पूर्व में देशभर के 90 जिले माओवाद प्रभावित थे. लेकिन अब इसकी संख्या घटकर 70 रह गयी है. केंद्र ने 70 में से 25 जिलों को अति माओवादी प्रभाव वाला माना है. देश के अति माओवाद प्रभाव वाले 25 में 8 जिले झारखंड के हैं.

झारखंड के माओवाद प्रभाव वाले जिले

राज्य के 16 जिलों में रांची, खूंटी, बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं. वहीं आठ अति माओवाद प्रभावित जिलों में चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/fifth-death-due-to-dengue-in-jharkhand-46-new-patients-found/">झारखंड

में डेंगू से पांचवीं मौत, 46 नए मरीज मिले
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही