Saurav Singh Ranchi: दूसरों को डराने वाला गैंगस्टर अमन साहू को अब खुद की मौत का डर सता रहा है. उसने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को बंदी पत्र लिख कर दावा किया है कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है. उसने आरोप लगाया है कि साजिश में पुलिस अफसर, कोयला माफिया व राजनेता शामिल हैं. साजिश के तहत उसे एक से दूसरे जेल में शिफ्ट किया जा रहा है. वर्तमान में वह पलामू जेल में बंद है.
पत्र में लिखा है - कब कहां ट्रांसफर किया गया
- 29 अक्टूबर 2021 को रांची से पाकुड़ जेल - 13 अप्रैल 2022 को गिरिडीह जेल - 23 जुलाई 2022 को मंडल कारा सिमडेगा - 17 सितंबर 2022 को पलामू जेल - 24 नवंबर 2022 को दुमका जेल - 19 अगस्त 2023 को चाईबासा जेल - 11 अक्टूबर 2023 को पुनः पलामू जेल नियमों का पालन नहीं किया जाता
अमन साहू ने बंदी पत्र में लिखा है कि जेल शिफ्ट के दौरान तय नियमों का पालन नहीं किया जाता है. मुकदमों से संबंधित ट्रायल कोर्ट से स्वीकृति भी नहीं ली जाती है. इस कारण कई बार ट्रायल कोर्ट ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है. जेल अधीक्षक द्वारा अगली बार जेल शिफ्ट से पहले न्यायालय की स्वीकृति लेने की बात कही जाती है. लेकिन फिर से यही सब दुहराया जाता है. अमन साहू ने लिखा हैः बार-बार जेल ट्रांसफर होने के कारण मेरे खिलाफ चल रहे मुकदमों की सुनवाई बाधित हो रही है. यही कारण है कि पिछले चार सालों से न्यायिक हिरासत में हूं. बार-बार जेल ट्रांसफर होने के कारण अपने अधिवक्ता, पारिवारिक सदस्य से भी मुलाकात नहीं कर पाता. जेल शिफ्ट के दौरान ही कैदी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मैं स्लिप डिस्क का मरीज हो गया हूं. इलाज के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लातेहार के आदेशा पर पलामू जेल में मेडिकल बोर्ड का गठन हुआ था. मेडिकल बोर्ड ने जांच के लिए रिम्स भेजने को कहा था. पर, चार माह बीतने के बाद भी रिम्स नहीं ले जाया गया. हत्या की साजिश
अभी फिर से गिरिडीह जेल में ट्रांसफर करने का निर्णय सरकार ने लिया है. वहां पहले भी स्थानांतरित किया गया था. वहां से सुरक्षा के मद्देनजर सिमडेगा जेल शिफ्ट किया गया था. अब लगता है कि दोबारा गिरिडीह भेजने के पीछे कोई बड़ा षडयंत्र है. अमन साहू ने जिक्र किया है कि धनबाद जेल में न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान अमन सिंह की हत्या की जा चुकी है. ऐसी घटना उसके साथ भी हो सकती है. अमन सिंह ने भी जताई थी आशंका
तीन दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में बंद गैंगस्टर अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इससे पहले 18 जुलाई 2022 को जब अमन सिंह एक मामले में पेशी के लिए धनबाद कोर्ट लाया गया था. उसने मीडिया को दिए बयान में खुद की हत्या की आशंका जतायी थी. छह जून 2022 को उसके वकील मोहम्मद जावेद ने धनबाद कोर्ट में अपील दाखिल कर जेल के भीतर हत्या की आशंका जतायी थी. जिसके बाद अमन सिंह को दुमका जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. धनबाद जेल से दुमका जेल में शिफ्ट किये जाने के दौरान भी अमन सिंह ने कहा था कि उसकी हत्या हो सकती है. उसकी यह आशंका सच साबित हुई थी. [wpse_comments_template]
Leave a Comment