Search

 
 
 

EXCLUSIVE : IAS विनय चौबे ने विनय सिंह की मौजूदगी में CO अलका कुमारी को ऑफिस बुलाकर कराया था म्यूटेशन

हजारीबाग वन भूमि घोटाले मामले में एसीबी ने 7 अक्तूबर को एडीएम रैंक की अफसर अलका कुमारी का बयान हजारीबाग ACB की विशेष कोर्ट में दर्ज करवाया है. अलका कुमारी पूर्व में हजारीबाग जिले में सदर सीओ के पद पर पदस्थापित रह चुकी है.
 
  • 72 डिसमिल भूमि रैयती खाते की थी और 28 डिसमिल भूमि गैरमजरुआ खास किस्म की भूमि का हुआ था म्यूटेशन.
  • म्यूटेशन को नियमविरुद्ध बताने पर विनय चौबे ने राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को बुलाया और जांच रिपोर्ट देने का आदेश दे दिया.
  • राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन डीसी विनय चौबे के कहने पर किया म्यूटेशन.

Ranchi : हजारीबाग वन भूमि घोटाले मामले में एसीबी ने 7 अक्तूबर को एडीएम रैंक की अफसर अलका कुमारी का बयान हजारीबाग ACB की विशेष कोर्ट में दर्ज करवाया है. अलका कुमारी पूर्व में हजारीबाग जिले में सदर सीओ के पद पर पदस्थापित रह चुकी है. 

 

उन्होंने कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा है कि वर्ष 2010 में जब वह हजारीबाग जिले में सदर सीओ के पद पर पदस्थापित थीं उस दौरान एक दिन तत्कालीन DC विनय चौबे ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया. जब वह डीसी के कार्यालय पहुंची तो वहां एक व्यक्ति पहले से बैठा हुआ था.

 

विनय चौबे ने उस व्यक्ति का परिचय कराते हुए बताया कि उस व्यक्ति का नाम विनय सिंह है. जिसके बाद अलका कुमारी को एक दस्तावेज दिया गया और दाखिल खारिज (म्यूटेशन) करने की बात कही गई. दस्तावेज का निरीक्षण करने पर पता चला कि 72 डिसमिल भूमि रैयती खाते की थी और 28 डिसमिल भूमि गैरमजरुआ खास किस्म की भूमि थी.

 

अलका कुमारी ने विनय चौबे को यह बताया कि गैरमजरुआ खास किस्म की भूमि का म्यूटेशन करना नियमसंगत नहीं है. इसके बाद विनय चौबे ने राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को बुलाया और जांच रिपोर्ट देने का आदेश दे दिया.

 

विनय चौबे के आदेश के बाद राजस्व कर्मचारी और सीआई ने कुछ ही समय में अपनी रिपोर्ट दे दी. जांच रिपोर्ट आने के बाद डीसी विनय चौबे ने कहा कि रिपोर्ट आ गई अब म्यूटेशन करो. विनय चौबे द्वारा म्यूटेशन के लिए कहने पर जब अलका कुमारी ने विरोध किया तो उन्हें विनय चौबे ने कहा कि यह एक आदेश है जिसका अनुपालन करना है.

 

जिसके बाद उनके आदेशानुसार औपचारिकता निभाते हुए विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम से उक्त भूमि का म्यूटेशन किया गया. अपने बयान में अलका कुमारी ने कहा है कि इस पूरे काम में उनका कोई स्वार्थ नहीं है और यह कार्य उन्होंने तत्कालीन डीसी विनय चौबे के दबाव में आकर किया है.

 

एसीबी अब तक इस केस में विनय कुमार सिंह और विजय सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है और अब विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह व स्निग्धा सिंह के भाई से भी पूछताछ की जा सकती है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही