1- ईडी ने छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल उपकरण जब्त किये हैं. उनकी स्क्रूटनी जरूरी है, ताकि जांच आगे बढ़ सके.
2- जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि अफसर अली उर्फ अफसू इस पूरे घोटाले और रैकेट का मास्टरमाइंड है. सद्दाम, प्रदीप बागची, तलहा और इम्तियाज ने कई प्लॉट पर कब्जा किया है और उसका पावर ऑफ अटॉर्नी भी लिया है. भानु इन्हें अंचल कार्यालय में मौजूद ओरिजिनल दस्तावेज मुहैया करवाता था, ताकि उसका डुप्लिकेट तैयार किया जा सके.
3- हल्का कर्मचारी भानु प्रताप के यहां हुई छापेमारी में कई दस्तावेज मिले हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि उक्त आरोपी कई दूसरी जमीनों के पेपर और एग्रीमेंट तैयार कर रहा था.
4- पूरा फर्जीवाड़ा करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जिसमें कई लोग शामिल हैं. इस खेल में सरकारी अफसर भी शामिल हैं, जिनकी मदद से सफेदपोश लोगों को भी फायदा हुआ है. ईडी उनकी भी तलाश कर रही है.
5- सभी आरोपी अब तक की पूछताछ में यह नहीं बता रहे हैं कि इस पूरे रैकेट में कौन- कौन शामिल हैं.
6- इस पूरे प्रकरण में किस- किस को फायदा हुआ और किसका क्या रोल है, यह भी गिरफ्तार आरोपी नहीं बता रहे हैं.
7- अब तक पूरे रैकेट ने कहां- कहां की भूमि का पेपर तैयार किया और कहां- कहां जमीन पर कब्जा किया, यह भी नहीं बता रहे.
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