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Exclusive: मनरेगा घोटाला में ACB जांच पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू

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Ranchi: ACB ने जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में हुए मनरेगा घोटाले में तत्कालीन BDO नाजिया अफरोज, इंजीनियर सहित अन्य के खिलाफ PE दर्ज करने की अनुमति मांगी है. ACB ने इससे संबंधित पत्र ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को भेजा है. इसमें घोटाले का उल्लेख करते हुए उदाहरण के तौर पर आम बागान की जगह मकान और खेल मैदान की जगह खेत होने का बतौर उदाहरण पेश किया है. लेकिन विभाग ने जमशेदपुर के उप-विकास आयुक्त को पत्र लिखकर निगरानी जांच के मामले में राय मांगी है. इसे मनरेगा घोटाला पर पर्दा डालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

 

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संतोष की जमीन पर आम बागान की जगह घर है

 

ACB के प्रमंडलीय कार्यालय जमशेदपुर को मनरेगा की योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी से संबंधित शिकायती पत्र मिला था. इसमें मनरेगा की 70 योजनाओं में गड़बड़ी कर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया था. ACB जमशेदपुर ने इस शिकायती पत्र के आधार पर IR- 12/2025 दर्ज कर गड़बड़ी से संबंधित सूचनाओं में से सिर्फ पांच योजना का सत्यापन किया. 

 

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संजय महतो की जमीन पर कुंआ के बदले गड्ढा मिला

 

इन योजनाओं के सत्यापन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और सरकारी राशि के गबन किये जाने के प्रारंभिक सूबत मिले. सूचनाओं के सत्यापन के दौरान आम बागान की योजना स्वीकृत हुई थी, वहां मकान मिला. जहां सिंचाई कुंआ की योजना स्वीकृत हुई थी, वहां सिर्फ खेत मिला.

 

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गोपाल महतो की जमीन पर आम बागान के बदले पहले से लगे दो चार पेड़ मिले

 

सूचनाओं के सत्यापन के बाद ACB जमशेदपुर ने ग्रामीण विकास सचिव को सूचनाओं के सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट भेजते हुए मामले में PE दर्ज कर आगे जांच करने की अनुमति मांगी. साथ ही इसकी जानकारी मंत्रिमंडल निगरानी विभाग को भी भेजी. इसके बाद निगरानी मंत्रिमंडल निगरानी के अवर सचिव की ओर से भी ग्रामीण विकास सचिव को एक पत्र भेजा गया. निगरानी मंत्रिमंडल के अवर सचिव की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया कि ACB जमशेदपुर ने मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच की.

 

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गंगा सागर महतो की जमीन पर मेढबंदी का काम शुरू ही नहीं हुआ

 

इसके बाद BDO नाजिया अफरोज, BPO बंधु कुशल महतो,  AE सुमित कुमार, JE सुशील कुमार बेसरा, पंचायत सचिव मिहिर महतो, ग्राम रोजगार सेवक गणेश सिंह, हल्का कर्मचारी विष्णु कुमार के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 17(A) के तहत PE दर्ज कर प्रारंभिक जांच करने की अनुमति मांगी है. इसलिए संबंधित मामले में निगरानी जांच के बिंदु पर मंतव्य उपलब्ध करायें.

 

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खेल मैदान की जगह जांच में खेत पाया गया


निगरानी मंत्रिमंडल का पत्र मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने घोटाले के इस मामले में जमशेदपुर के उप-विकास आयुक्त को पत्र लिखकर उनसे इस मनरेगा घोटाले में ACB जांच की अनुमति देने पर अपनी उनकी राय मांगी है. मनरेगा घोटाले के इस मामले से गड़बड़ी से संबंधित सूचनाओं के सही पाये जाने के बावजूद ACB जांच की अनुमति देने के बदले राय मांगने की कार्रवाई को मामले पर पर्दा डालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

 

ACB द्वारा सूचना के सत्यापन में मिली गड़बड़ी का ब्योरा 


1-    वर्ष 2022-23 में बोड़ाम प्रखंड के पोखुरिया गांव के संतोष कुमार महतो की जमीन (खाता नंबर 439,प्लॉट 2056) पर 3.76 लाख की लागत पर आम बागान की योजना स्वीकृत थी. जांच में आम बागान नहीं मिला. जमीन पर संतोष महतो का घर है.


2-    वर्ष 2022-23 में संजय महतो की जमीन (खाता 807,प्लाट 1754) पर 3.47 लाख की लागत पर सिंचाई कुंआ स्वीकृत हुआ. जांच में वहां कुंआ के बदले खेत में छोटा सा गड्ढा मिला.


3-     वर्ष 2022-23 में गोपा महतो की जमीन (खाता 616, प्लॉट 2407) पर 3.92 लाख की लागत से आम बागान की योजना स्वीकृत थी. जांच के दौरान जमीन पर पहले से लगे दो चार पेड़ मिले.


4-    वर्ष 2023-24 में गंगा सागर महतो की जमीन (खाता 153,प्लॉट 174) पर मेढ़बंदी की योजना स्वीकृत की गयी थी. जांच में पाया गया कि अब तक योजना का काम शुरू ही नहीं हुआ है.


5-    वर्ष 2023-24 में ग्राम पुखोरिया में बुढ़ा डुंगरी के पास पोटो हो खेल मैदान की योजना स्वीकृत की गयी थी. योजना की लागत 1.44 लाख रुपये है. जांच में दौरान खेल मैदान के बदले खेत मिला.

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