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कार्यपालक दंडाधिकारी साधना जयपुरियार समेत तीन को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास

sunil kumar

जेट्रोफा खेती के नाम पर 58 लाख रुपए घोटाला से जुड़ा है मामला

Latehar : अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शशि भूषण शर्मा की अदालत ने जेट्रोफा की खेती के नाम पर सरकारी राशि का घोटाला करने के आरोपी तत्कालीन मनिका प्रखंड विकास पदाधिकारी साधना जयपुरियार समेत तीन को तीन-तीन वर्षों की सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. जानकारी के अनुसार जिले के मनिका प्रखंड में वर्ष 2010 में जेट्रोफा प्लांटेशन के नाम पर व्यापक घोटाला किया गया था. तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी साधना जयपुरियार एवं ग्राम विकास सेवा समिति एनजीओ के अध्यक्ष रामप्रवेश यादव एवं सचिव सत्येंद्र यादव के खिलाफ मनिका थाना कांड संख्या 76/10 भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत मामला तत्कालीन उप विकास आयुक्त सीपी बाखला ने दर्ज कराया था. इसे भी पढ़ें :झारखंड">https://lagatar.in/campaigning-for-fourth-phase-stopped-in-jharkhand-voting-tomorrow/">झारखंड

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अभियोजन पदाधिकारी अशोक कुमार दास के अनुसार जेट्रोफा खेती के नाम पर सरकारी रुपए की बंदर बांट करने का आरोप अदालत में साबित हुआ इसके उपरांत श्री शर्मा की अदालत ने आरोपियों को सजा सुनाया है. मालूम हो वर्तमान में साधना जयपुरियार रांची जिले में कार्यपालक दंडाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं. गुरूवार को खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनने के बाद श्रीमती जयपुरियार एवं अन्य आरोपियों की आंखें भर आई उन्होंने अपने को निर्दोष बताते हुए अपीलीय कोर्ट में अपील करने हेतु अर्जी पेश किया.जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें 30 दिनों की औपबंधिक जमानत प्रदान कर दी.

क्या है मामला

वर्ष 2010 में जेट्रोफा प्लांटेशन के नाम पर मनिका प्रखंड के दुंदु एवं माइल ग्राम में करीब 500 एकड़ जमीन पर खेती करने का जवाबदेही चंदवा प्रखंड की स्वयंसेवी संस्था ग्राम विकास सेवा समिति को दिया था. समिति के द्वारा आवंटित क्षेत्रफल में खेती न कर सिर्फ खानापूर्ति की गई थी. जिसकी सुनवाई के उपरांत मामला सत्य पाया गया और इस मामले में तत्कालीन दो प्रखंड विकास पदाधिकरियों साधना जयपुरियार ,अनिल कुमार समेत दो एनजीओ ग्राम विकास सेवा समिति चंदवा और झारखंड विकास मोर्चा धनबाद के खिलाफ दो अलग-अलग मनिका थाना कांड संख्या 75/10 एवं 76/10 प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. दोनों मामलों का विचारण श्री शर्मा की अदालत में चल रहा है. मनिका थाना कांड संख्या 76/10 जीआर कांड संख्या 616/ 10 की सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है.

क्या है जेट्रोफा

जेट्रोफा का इस्तेमाल ईंधन के विकल्प के रूप में किया जाता है. इसके बीज से तेल निकाला जाता है. इस तेल को परिष्कृत कर बायोडीजल तैयार किया जाता है. इसका उपयोग विभिन्न मशीनों को चलाने में किया जाता है. छत्तीसगढ़ में इससे रेल इंजन भी चलाया जा रहा है. इसी से प्रेरित होकर जिला प्रशासन द्वारा यहां भी जेट्रोफा की खेती करने का निर्णय लिया गया था और मनिका प्रखंड समेत कई प्रखंडों में इस खेती की शुरुआत की गई थी हालांकि जिले में कहीं भी जेट्रोफा की खेती सफल नहीं हुआ. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/no-relief-in-jharkhand-mercury-crosses-47-c-again-drizzle-increases-humidity/">झारखंड

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