Kolkata : निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन को लेकर बड़ी खबरआयी है. वह कोलकाता लौट आयी है, खबर है कि तस्लीमा एक अगस्त को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के साथ मंच साझा करेंगी.
19 साल बाद कोलकाता लौटने वाली तस्लीमा बेहद खुश नजर आयीं. उन्होंने कोलकाता लौटने को अपने देश लौटने जैसा बताया. तस्लीमा ने कहा, मैं खुशी और दर्द दोनों के साथ लौटी हूं.तस्लीमा न्यूज एजेंसी PTI से बात कर रही थीं.
तस्लीमा नसरीन ने कहा कि अपनी मर्जी से कोलकाता नहीं छोड़ा था, तत्कालीन सरकार ने उन्हें राज्य छोड़ने पर विवश किया था. तस्लीमा 2007 के बाद कोलकाता में लौटी हैं. दरअसल 2003 में उनकी किताब द्विखंडित पश्चिम बंगाल सरकार ने बैन कर दी थी. उन पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था.
2007 में तस्लीमा के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये. इस कारण उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा. इससे पूर्व 1994 में बांग्लादेश से भाग कर तसलीमा कोलकाता आ गयी थी और यहीं रह रही थीं.
तस्लीमा के अनुसार कोलकाता सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि अपनापन महसूस कराने वाला शहर है. कहा कि पूर्वी बंगाल(बांग्लादेश) के दरवाजे उनके लिए बंद हैं, इसलिए फिलहाल बंगाल का यह हिस्सा ही उनका घर है.
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