- राजभवन में झारखंड लोकसेवा आयोग की प्रथम सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के प्रशिक्षु अफसरों से किया संवाद
सड़क मार्ग से 16 जिलों का दौरा कर चुका हूं
राज्यपाल ने कहा, मैं इस अल्पावधि में सड़क मार्ग से 16 जिलों का दौरा कर चुका हूं. सड़क मार्ग से दौरा करने से जमीनी हकीकत का पता चलता है. केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविकता की जानकारी मिलती है. लोगों से संवाद के क्रम में उनकी समस्याओं से अवगत होकर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के माध्यम से उन्हें दूर की जा सकती है. बताया कि विगत दिनों लातेहार, पलामू एवं गढ़वा जिले के भ्रमण के दौरान पीवीटीजी से मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत होकर उसके निराकरण के लिए पहल की गई. पलामू जिला में पानी की समस्या को दूर करने के लिए सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों के साथ वहां बैठक की गई. लंबित योजनाओं को पूर्ण करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया गया.क्षेत्र की समस्याओं का हल घर बैठे नहीं हो सकता
राज्यपाल ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण घर बैठे नहीं किया जा सकता है. प्रशिक्षु अधिकारियों की नियुक्ति क्षेत्रीय कार्यालयों में होगी. आशा है कि नियुक्ति के पश्चात आप अपने क्षेत्रों एवं वहां की समस्याओं के संदर्भ में अच्छी तरह जानकर उसे दूर करने की दिशा में कार्य करेंगे. विगत 18 वर्षों की पीड़ा को भूल कर समाज की सेवा में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से भेंट के क्रम में न्यायालय में लंबित वादों का शीघ्र निबटारा करने पर भी चर्चा हुई है.मौके पर मौजूद थे ये अधिकारी
इस मौके पर राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी, निदेशक श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान मुकेश कुमार, संयुक्त निदेशक श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान मीणा समेत श्रीकृष्ण लोक प्रशासन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. प्रशिक्षु अधिकारियों में जयंत कुमार तिवारी, लक्ष्मण यादव, बालकिशोर नाथ शाहदेव, विजय लक्ष्मी सिंकु समेत अन्य ने प्रशिक्षण अवधि में प्राप्त अपना अनुभव साझा किया. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/program-on-capacity-building-at-sarala-birla-public-school-ranchi/">रांचीके सरला बिरला पब्लिक स्कूल में कैपेसिटी बिल्डिंग पर प्रोग्राम [wpse_comments_template]
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