राज्य में लागू खनिज समानुदान नियमावली के प्रावधानों के तहत निर्माण कार्यों में लघु खनिजों का इस्तेमाल करने वालों को सरकार द्वारा निर्धारित रॉयल्टी और उस पर 30% की दर से DMFT का भुगतान करना पड़ता है. निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों द्वारा जिला खनन कार्यालय में इस राशि का भुगतान किया जाता है. इसके बाद जिला खनन कार्यालय से रॉयल्टी पेमेंट सर्टिफिकेट जारी किया जाता है.

चतरा DMO कार्यालय के रजिस्टर का पेज, जिससे फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया जाता था.
चतरा जिला खनन कार्यालय में रखे गये फर्जी रजिस्टर में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड के कई जिलों के कार्यपालक अभियंताओं को सत्यापन प्रतिवेदन भेजे जाने का उल्लेख है. इसके अलावा इसमें माइनिंग प्लान स्वीकृति के अनुमोदन का भी उल्लेख किया गया है. इससे इस बात की आशंका है कि फर्जी रजिस्टर के सहरे अनुमोदित माइनिंग प्लान के सहारे भी जिले में कई स्टोन माइंस चल रहे होंगे.
IRCON के मामले में फर्जी पेमेंट सर्टिफिकेट और उसके सही होने की रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है कि चतरा जिला खनन कार्यालय में रॉयल्टी की राशि हड़पने के लिए एक फर्जी रजिस्टर का इस्तमाल किया जाता था.
ठेकेदारों द्वारा रॉयल्टी की राशि जमा करने के बाद उसे सरकारी खाता के बदले अपनी जेब में रख लिया जाता था. इसके बाद जिला खनन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को रॉयल्टी पेमेंट का सर्टिफिकेट दिया जाता था. इस फर्जी सर्टिफिकेस को सही करार देने के लिए भी फर्जी रिपोर्ट भेजी जाती थी. इसका उल्लेख भी फर्जी रजिस्टर में किया जाता था, ताकि इस जालसाजी का पर्दाफाश नहीं हो.
जिला खनन कार्यालय के इस कारनामे की पुष्टि IRCON के मामले में फर्जी रॉयल्टी पेमेंट सर्टिफिकेट और सत्यापन प्रतिवेदन देने के बाद हुई. जिला खनन पदाधिकारी के कार्यलाय द्वारा राजा कंस्ट्रक्शन को दिया गया रॉयल्टी पेमेंट सर्टिफिकेट IRCON कार्यलाय में जमा होने के बाद उसके सत्यापन के लिए जिला खनन कार्यालय भेजा जाता था.
IRCON के कर्मचारियों द्वारा जांच के दौरान जिला खनन कार्या के सही होने से संबंधित अपनी रिपोर्ट भी दी. हालांकि बाद में राजा कंस्ट्रक्शन के लिए जारी किये गये सभी प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि जिला खनन पदाधिकारी ने की. इसके बाद IRCON को काफी कोशिश के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने में कामयाबी मिली.
फर्जी रजिस्टर में दर्ज ब्योरे का उदाहरण
| विषय |
किसे भेजा |
| चालान सत्यापन |
कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, गयाजी (बिहार) |
| चालान सत्यापन |
मोहन सिंह, IRCON, रांची |
| चालान सत्यापन |
मेसर्स जय माता दी, स्टोन माइंस,चतरा |
| चालान सत्यापन |
भवानी स्टोन क्रशर, हंटरगंज |
| चालान सत्यापन |
कार्यपालक अभियंता,ग्रामीण विकास, टिकारी |
| माइनिंग प्लान |
अनुमोदन मेसर्स दुर्गा स्टोन माइंस |
| चालान सत्यापन ं |
चालान सत्यापन कार्यपालक अभियंता, आरईओ, हजारीबाग |
| चालान सत्यापन |
मोहन सिंह, IRCON, रांची |
| चालान सत्यापन |
कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण, सीतामढ़ी (बिहार) |
| चालान सत्यापन |
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, पटना |
| चालान सत्यापन |
कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण, औरंगाबाद (बिहार) |
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