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EXPOSE : तत्कालीन MLA अंबा प्रसाद का करीबी अवैध बालू खनन और ढुलाई का निर्देश देता था

Ranchi : अंकित राज के अवैध बालू के व्यापार में तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका है. ईडी जांच के दौरान अंकित के सहयोगी कारोबारियों ने यह स्वीकार किया है कि विधायक अंबा प्रसाद का करीबी संजीव कुमार उर्फ संजू साव अवैध बालू ढुलाई का निर्देश देता था. वह बार-बार फोन कर कहता था कि विधायक जी की गाड़ी पर बालू लादो. ईडी ने अंकित राज के अवैध बालू के साम्राज्य की जांच के जुड़े दस्तावेज में इन तथ्यों का उल्लेख किया है.
 
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Ranchi : अंकित राज के अवैध बालू के व्यापार में तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका है. ईडी जांच के दौरान अंकित के सहयोगी कारोबारियों ने यह स्वीकार किया है कि विधायक अंबा प्रसाद का करीबी संजीव कुमार उर्फ संजू साव अवैध बालू ढुलाई का निर्देश देता था. वह बार-बार फोन कर कहता था कि विधायक जी की गाड़ी पर बालू लादो. ईडी ने अंकित राज के अवैध बालू के साम्राज्य की जांच के जुड़े दस्तावेज में इन तथ्यों का उल्लेख किया है.

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान अभियुक्तों द्वारा दिये गये बयान से यह पता चलता है का बालू के अवैध कारोबार में विधायक परिवार के राजनीतिक दबदबे का इस्तेमाल होता था. इसके अलावा कुछ लोग प्रशासनिक उत्पीड़न (Administrative harasment) के डर से उसकी बात मानते थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंकित के साथ बालू का कारोबार करने वाले मनोज दांगी के पुत्र रौशन दांगी ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें स्वीकार की है. उसने यह स्वीकार किया है कि वह अपने पिता मनोज दांगी के कारोबार में मदद करता है.

 

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रौशन दांगी ने यह स्वीकार किया है कि तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद का करीबी संजीव कुमार बार-बार फोन करके विधायक की गाड़ी पर अवैध बालू लादने का निर्दश देता था. विधायक की गाड़ी का अर्थ अंकित राज से संबंधित गाड़ियां. उसके पिता डर से विधायक के डक से संजीव द्वारा दिये गये निर्देश को मानते थे. विधायक के करीबी द्वारा दिये गये निर्देश का मानने के बाद उसे प्रति हाईवा 5000-6000 रुपये की दर से भुगतान किया जाता था.

 

ईडी ने अंकित राज के बालू के अवैध साम्राज्य की जांच के दौरान बिंदेश्वर दांगी को समन भेजा था. ईडी का समन मिलने की जानकारी मिलने के बाद अंकित राज ने दांगी को अपना WhatsApp चौट डिलिट करने का निर्देश दिया था. अंकित के निर्देश पर दांगी ने अपने मोबाईल से WhatsApp चैट डिलिट कर दिया था. हालांकि तकनीकी जांच के दौरान ईडी ने उसके मोबाईल से डिलिट किये गये चैट को Recover कर लिया था.

 

बिंदेश्वर दांगी के नंबर पर मिले चैट में 28 अप्रैल 2025 से  20 मई 2025 तक की अवधि में अंकित राज को दिये गये अवैध बालू का ब्योरा दर्ज था. दांगी के नाम पर भी Sand Stockyard है. पूछताछ के दौरान दंगी ने यह स्वीकार किया कि अंकित राज के निर्देश पर पलांडू नदी से अवैध खनन से निकाला गया बालू उसके स्टॉकयार्ड में रखा गया था. इस नदी से निकाले गये बालू का मूल्य 8.80 लाख रुपये था.

 

दांगी के स्टॉकयार्ड से अंकित राज के हाईवा का इस्तेमाल करते हुए 55 हाईवा बालू की बिक्री की गयी है. पलांडू नदी से निकाले गया बालू प्रति हाइवा 17000 रुपये की दर से बेची गयी है. इसमें उसे सिर्फ 1000 रुपये प्रति हाईवा की दर से कमीशन मिला है. शेष 16000 रुपये प्रति हाईवा की दर से अंकित राज के नकद भुगतान किया गया है.

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