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अवैध खनिजों की ढुलाई के दौरान रास्ते में प्रति ट्रक के हिसाब से होती है वसूली

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Ranchi : बगैर किसी दस्तावेज के खनिजों की ढुलाई के दौरान रास्ते में प्रति ट्रक के हिसाब से वसूली होती है. इसे खान विभाग और पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वरा CTS Industries Limited के अवैध खनन की जांच के दौरान इस बात के सबूत मिले हैं.

 

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पाया गया है कि तुलसियान बंधुओँ की कंपनी CTS Industries Limited द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया. कंपनी के कर्मचारी अवैध खनन से निकाले गये पत्थरों का एक अलग ब्योरा बनाते थे. साथ ही तुलसियान बंधुओँ के निर्देश पर इसे नियमित रूप से जला दिया जाता था. जांच के दौरान कंपनी के कार्यालय के आसपास भारी मात्रा में जले कागजात पाये गये थे. 

 

जांच के दौरान ही कंपनी के एक निदेशक (पुरूषोत्तम तुलसियान) के ड्राइवर द्वारा एक कर्मचारी से यह अनुरोध किया जा रहा था वह उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दे जिसमें यह लिखा हुआ कि उसने ईडी की छापामारी से एक साल पहले की कंपनी छोड़ दिया था.

 

ईडी ने कंपनी द्वारा निकाले गये अवैध खनिजों और उसकी खरीद बिक्री की जांच के दौरान ट्रक ड्राइवरों, कंपनी के कर्मचारियों और रेल अधिकारियों से पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया. बयानों में यह बात सामने आयी है कि अवैध खनिजों की ढुलाई के दौरान खान और पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रति ट्रक के हिसाब से वसूली की जाती है. 

 

पूछताछ के दौरान ट्रक ड्राइवरों ने यह स्वीकार किया गया कंपनी द्वारा खनिजों की ढुलाई के दौरान कुछ ही ट्रकों को माइनिंग चालान दिया जाता है. जिन ट्रकों को माइनिंग चालान नहीं दिया जाता है उसके लिए खान विभाग के अधिकारियों और रास्ता में पड़ने वाले थानों में प्रति ट्रक की दर से पैसा देना पड़ता है. निदेशालय ने इस वसूली से संबंधित जानकारी पीएमएलए कोर्ट को दी है. हालांकि अवैध खनिजों की ढुलाई के दौरान इन विभागों के अधिकारियों के किये जाने वाले भुगतान की राशि का उल्लेख नहीं किया है. 

 

ईडी ने कंपनी द्वारा रेल रैक से स्टोन चिप्स की ढुलाई की जांच के लिए रेलवे अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी कर बुलाया था. पूछताछ के दौरान रेल अधिकारियों द्वारा कुछ चालान की प्रति दी गयी जिसे रेल रैक से स्टोन चिप्स की ढुलाई के लिए CTS Industries Limited ने इस्तेमाल किया था. यह चलान सड़क मार्ग से स्टोन चिप्स की ढुलाई के लिए जारी किया गया था. इससे रेल रैक से स्टोन चिप्स की ढुलाई नहीं की जा सकती है.

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