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लोहरदगा: दिव्यांग बच्चों के परिवार को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

Hussain Ansari Lohardaga: राज्य सरकार दिव्यांगों के जीवन सुधारने के लिए प्रति माह करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. बावजूद सरकारी तंत्र की अनदेखी तस्वीरें सामने आई है. मामला घोर उग्रवाद प्रभावित पेशरार प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत सीरम के कोपिया गांव का है. जहां एक ही गरीब परिवार के तीन बच्चे बचपन से ही दिव्यांग हैं. जिन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखा गया है. बता दें कि देवंती देवी और प्रदीप भुइयां के कुल 5 बच्चे हैं. जिनमें 17 वर्षीय अरविंद कुमार और 12 साल के राजकुमार एवं 10 वर्षीय रीमा कुमारी के अलावा दो अन्य बच्चे हैं. यहां पर रीमा कुमारी अपनी मौसी के यहां रहती है. प्रदीप किसी तरह खेती और मजदूरी कर खुद एवं अपने बच्चों का जीविकोपार्जन कर रहा है. प्रदीप के दोनों बेटे पास के सरकारी स्कूल सांगोडीह व कोपिया में पढ़ाई करते हैं. प्रदीप ने बताया कि हमारे घर की स्थिति काफी दयनीय है. पत्नी सभी बच्चों और हमें छोड़कर कहीं चली गई है. जिससे परेशानी बढ़ गई है. प्रदीप ने कहा कि कोई हमारी मजबूरी और परेशानी को दूर करने आगे नहीं आया है.

प्रदीप के बच्चों को पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगाः डीसी

इस मामले को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत सीरम के मुखिया भगवत सिंह खेरवार से जब दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जानकारी प्राप्त हुआ है. निश्चित रूप से प्रदीप के तीनों दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा. मामले को लेकर पेशरार प्रखंड के बीडीओ अजय कुमार तिर्की से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोपिया गांव के प्रदीप के जो दिव्यांग बच्चे हैं, उन्हें दिव्यांगता पेंशन योजना का लाभ हर हाल में दिलाया जाएगा. उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण ने कहा कि मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेते हुए यथाशीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किया जाएगा और प्रदीप के बच्चों को पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगा. इसे भी पढ़ें - लोकसभा-राज्यसभा">https://lagatar.in/opposition-ruckus-in-lok-sabha-rajya-sabha-over-adani-sambhal-issue-both-houses-adjourned-till-tomorrow/">लोकसभा-राज्यसभा

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