Bokaro : डॉ. प्रभाकर कुमार के नेतृत्व में बेरमो थानांतर्गत वार्ड 19 एवं 20 के ढोरी बस्ती और सौतारडीह में बाल अधिकार सरंक्षण जागरूकता अभियान चलाया गया. वहीं बाल अधिकार कार्यकर्ता सह मनोवैज्ञानिक प्रभाकर द्वारा बच्चों तथा उनके माता-पिता, अभिभावकों के बीच मास्क का वितरण किया गया. इसे भी पढ़ें-बिहारः">https://lagatar.in/bihar-lalu-convenes-meeting-of-rjd-legislature-party-many-decisions-can-be-taken/">बिहारः
लालू ने बुलायी आरजेडी विधायक दल की बैठक, लिए जा सकते हैं कई निर्णय डॉ. प्रभाकर कुमार ने उपस्थित लोगों को बाल अधिकारों व कानून की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त बचपन, सुरक्षित राष्ट्र की कल्पना वहां है जहां माता पिता अभिभावक प्राथमिक पाठशाला के मुख्य संवाहक हैं.बच्चों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण में माता-पिता, अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है. बच्चे आसानी से सर्वसुलभ सामग्री से नशे के आदी बनते हैं. घरों में माता पिता के द्वारा बच्चों पर ध्यान नहीं देने से कफ सिरप कोरेक्स पीने , पंचर जोड़ने के सोलुशन सूंघने , स्मैक खाने के नशीला पदार्थ , सनफिक्श सूंघना , स्टेशनरी से मिलने वाले बोनफिक्स , व्हाइटनर , डेंड्राइट , आयोडेक्स ई सिगरेट व तंबाकू उत्पादों से नशे का सेवन कर रहे हैं. इन आसानी से मिलने वाली सामग्री से बच्चे नशे के आदी हो रहे हैं. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-rajya-sabha-elections-jharkhand-democratic-front-will-decide-in-whose-court-the-second-seat-will-go/">झारखंड
राज्यसभा चुनाव : झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा तय करेगा दूसरी सीट किसके पाले में जायेगी डॉ प्रभाकर कुमार ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण कानून ( कोटपा ) 2003 की धारा 6 ( क ) , 18 वर्ष के कम उम्र के नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की विक्री पर प्रतिबंध है. दुकानों को बोर्ड पर डिस्प्ले के माध्यम से यह दिखाने की जरूरत है कि तंबाकू उत्पादों की विक्री 18 वर्ष के कम उम्र के लिये नहीं है.दवाओं, स्टेशनरी सामग्री के दुकानदारों को भी 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों को कोई उत्पाद देने से पूर्व ध्यान देने की जरूरत है. वहीं धारा 6 ( ख ) शिक्षण संस्थान के 100 यार्ड के भीतर तंबाकू उत्पादों की विक्री दंडनीय हैं. इसे भी पढ़ें-हार्डकोर">https://lagatar.in/after-death-hardcore-naxalite-sandeep-gautam-paswan-may-get-command-bihar-jharkhand-central-zone/">हार्डकोर
नक्सली संदीप की मौत के बाद, गौतम पासवान को मिल सकती बिहार-झारखंड मध्य जोन की कमान बच्चों की दुनिया में नशे की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. समाज व राष्ट्र के पुनर्निर्माण में किशोरों व नौनिहालों का योगदान महत्वपूर्ण है. ये हमारे राष्ट्र के भावी कर्णधार हैं. परिवार जो बच्चों की प्राथमिक पाठशाला हैं , वह उचित तथा अनुकूल सरंक्षण द्वारा बच्चों को नशा निर्भरता की आदतों से दूर रख सकते हैं. [wpse_comments_template]
नशा मुक्त समाज निर्माण में परिवार प्राथमिक पाठशाला : प्रभाकर

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