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किसानों ने पैदल तथा ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच किया, रोके गये, धरने पर बैठे, बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस तैनात

पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को महामाया के पास दोनों तरफ से बंद कर दिया है और आरएएफ और वज्र वाहन लगाकर दलित प्रेरणा स्थल के पास रोड को पूरी तरीके से ब्लॉक कर दिया गया है NewDelhi :  अपनी मांगों  को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में दिल्ली की तरफ कूच करने के लिए आगे बढ़ रहे  किसानों को महज 100 मीटर आगे जाते ही पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गये हैं. पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को महामाया के पास दोनों तरफ से बंद कर दिया है और आरएएफ और वज्र वाहन लगाकर दलित प्रेरणा स्थल के पास रोड को पूरी तरीके से ब्लॉक कर दिया गया है. इसके अलावा महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर तक की सड़क को भी बंद कर दिया गया है. पुलिस ने नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के पास ट्रक और क्रेन लगाकर अवरोध खड़ा कर दिया है, ताकि किसान अपना ट्रैक्टर लेकर आगे न बढ़ पायें.

पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू कर दिया

इसके अलावा पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है और सेक्टर 18 की तरफ से ग्रेटर नोएडा जाने वालों को मोड़ा जा रहा है. ग्रेटर नोएडा जाने वाले रूट को सेक्टर 18 से डायवर्ट किया गया. वहीं नोएडा से दिल्ली जाने वाला रूट सेक्टर 94 से डायवर्ट कर दिया गया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ड्रोन के जरिए किसानों की निगरानी की जा रही है और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है. नोएडा पुलिस की कोशिश है कि किसानों को किसी भी तरीके से बॉर्डर तक न पहुंचने दिया जाये.    बता दें कि वर्तमान में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. किसान नये कृषि कानूनों के तहत मुआवजे और अपनी पांच प्रमुख मांगों पर जोर दे रहे हैं. जान लें कि पुलिस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में बैरिकेड लगा कर रूट डायवर्ट कर दिया है. Fइस कारण दिल्ली की कालिंदी कुंज सीमा पर भारी यातायात देखा गया.  साथ ही दिल्ली बॉर्डर पर चार हजार से ज्यादा पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया है. पुलिस सहित पीएसी की कई कंपनियां तैनात की गयी है.

किसी भी हालत में किसानों को दिल्ली जाने नहीं दिया जायेगा :  पुलिस 

नोएडा पुलिस का कहना है कि किसी भी हालत में किसानों को दिल्ली जाने नहीं दिया जायेगा.इसी बीच खबर आयी है कि कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है. इससे पूर्व किसान भारतीय किसान परिषद (BKP) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) सहित अन्य बीकेपी नेता सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन नोएडा में महामाया फ्लाईओवर के पास से दिल्ली कूच करने की बात कही थी, यमुना प्राधिकरण पर किसान ट्रैक्टरों के साथ जमे हुए हैं.

किसानों की मांगें

किसानों की मांग है कि नये भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार एक जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित की गयी भूमि का चार गुना मुआवजा मिले. याद दिलाया कि गौतमबुद्ध नगर में 10 साल से सर्किल रेट नहीं बढ़े हैं. किसान मांग कर रहे हैं कि जमीन अधिग्रहण के बदले 10 फीसदी विकसित भूखंड दिया जाये. 64.7 फीसदी की दर से मुआवजा दिया जाये. भूमिधर, भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार मिले. हाई पावर कमेटी की सिफारिशें लागू हो.

रविवार को किसानों-अधिकारियों के बीच हाईलेवल मीटिंग हुई

किसानों का कहना है कि अपनी मांगो को लेकर वे तीनों प्राधिकरण यानि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने महापंचायत करने के बाद 27 नवंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर प्रदर्शन किया. इस क्रम में 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक यमुना विकास प्राधिकरण के बाहर प्रदर्शन किया. रविवार को किसानों और अधिकारियों के बीच हाईलेवल मीटिंग हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन पायी.

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