NewDelhi : नये कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने आंदोलनरत किसानों को नये सिरे से बातचीत के लिए बुलावा भेजा, लेकिन इसका नतीजा सिफर है. इससे पहले केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत विफल रही है. खबरों के अनुसार किसान यूनियनों का कहना है कि हमें कोई जल्दी नहीं हैं, हम हाइवे पर तब तक रहेंगे, जब तक कानून वापस नहीं ले लिय़े जाते. बातचीत के नये प्रस्ताव पर किसान संगठन आज शनिवार को होने वाली बैठक में तय करेंगे कि क्या जवाब देना है. इसे भी पढें : कैट">https://lagatar.in/cat-demands-finance-minister-to-implement-section-86b-of-gst/12675/">कैट
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किसान यूनियन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर कायम हैं
बता दें कि किसान यूनियन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर कायम हैं. किसानों का यह रुख कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों को लिखे गये तीसरे पत्र और पीएम मोदी के भाषण पर चर्चा के बाद भी कायम है. बता दें कि कृषि मंत्रालय गुरुवार को एमएसपी के मुद्दे पर भी चर्चा को तैयार था. जय किसान आंदोलन के नैशनल कन्वेनर और ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमिटी (AIKSCC) के महासचिव अविक साहा ने कहा है कि किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी चाहते हैं. इसे भी पढें : SBI">https://lagatar.in/otp-now-mandatory-for-all-online-transactions-of-sbi/12688/">SBIके सभी Online ट्रांजैक्शन के लिए ओटीपी अब अनिवार्य
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