नफरत की राजनीति देश में नहीं चलेगी : शुभेंदु सेन
मौके पर पार्टी की केंद्रीय कमेटी सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि देश में नफरत और हिंसा की राजनीति चमकाकर सामाजिक समरसता और बंधुत्व की भावना को नष्ट किया जा रहा है. यह अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों की हत्या है. देश की प्रगतिशील ताकतें और माले देश की बंधुत्व और समरसता को तोड़ने की साजिश में संघी ताकतों को कभी सफल नहीं होने देगी.alt="" width="1280" height="960" />
सामाजिक समरसता ही भारत की कुंजी : भुवनेश्वर केवट
माले के रांची जिला सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि आजादी के बाद से अबतक के दौर में आज देश सबसे बुरे समय में गुजर रहा है. झारखंड के कोडरमा, लोहरदगा से लेकर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तक में फैलाए गए धार्मिक उन्माद इसके ताजा सबूत हैं. नफरत और हिंसा से देश तरक्की और विकास नहीं कर सकता, बल्कि इससे विनाश होगा. आज अंबेडकर और गुरुदास जैसे महापुरुषों के मूल्यों को और अधिक मजबूत करने का वक्त है. सामाजिक समरसता ही अखंड भारत की कुंजी है.21 सूत्री संकल्प लिए गए
कार्यक्रम के माध्यम से अंबेडकर के 21 सूत्री संकल्प से आम जनता को जागरूक करने का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम में माले नेता सुदामा खलखो, जगरनाथ उरांव, पुष्कर महतो, जयंत पांडेय, नसीम खान, दिवाकर साहू, मोहम्मद इकबाल, शनिचरवा मुंडा, एनामुल हक, मेवा उरांव, लक्ष्मी पासवान, डहरू तिर्की, सिंगी खलखो, सुंदरी मुंडा, खालिक अंसारी, महावीर मुंडा आदि मुख्य रूप से शामिल हुए. इसे भी पढ़ें – अभाव">https://lagatar.in/babasaheb-ambedkar-never-compromised-on-nationality-even-in-want-and-crisis-deepak-prakash/">अभावऔर संकट में भी बाबा साहब अम्बेडकर ने कभी नहीं किया राष्ट्रीयता से समझौता: दीपक प्रकाश [wpse_comments_template]

Leave a Comment