Ranchi : पास्का पर्व (ईस्टर संडे) के साथ ईसाई समुदाय के चार दिनों का पवित्र सप्ताह समाप्त हुआ. इस खास अवसर पर फादर सुशील टोप्पो ने विश्वासियों को पास्का रविवार का संदेश दिया. सुशील टोप्पो ने कहा कि पास्का पर्व का केंद्र बिंदु पुनर्जीवित प्रभु येसु है, जिसने मृत्यु पर विजय पायी. मसीही लोगों के लिए पुनर्जीवित प्रभु ख्रीस्त, जीवन की नयी उम्मीद और प्रेम के प्रतीक है. यह महापर्व हमें याद दिलाता है कि हमेशा अंधेरे के बाद उजाला होता है और हमेशा दुख के बाद खुशी आती है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि प्रेम हमेशा जीतता है, चाहे कितनी भी कठिनाईयां क्यों न हो. इस सच्चे प्रेम की एक विशेषता छमा अर्थात दूसरों को हमेशा माफ करना. जैसे प्रभु ने अपने मरने से पहले सभों को माफ किया. “हे पिता इन्हें छमा कर, कयोंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहें हैं. फादर सुशील टोप्पो ने संदेश दिया कि जहां छमा है वहीं सच्चा प्रेम है. आइये हम अपने दिलों में प्रेम और उम्मीद को जगायें और दूसरों के प्रति करुणा और दया दिखायें, जैसे प्रभु येसु ने किया. आइये प्रेम और खुशी के साथ हम अपने जीवन में नयी शुरुआत करें. [wpse_comments_template]
फादर सुशील टोप्पो ने मसीही विश्वासियों को दिया पास्का रविवार का संदेश
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