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तालाब भरे, बेच डाली जमीन

  • जमशेदपुर शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई तालाबों का अस्तित्व ही समाप्त
  • घाघीडीह मौजा में सरकारी तालाब की घेराबंदी कर मिट्टी से भर दिया गया
Sunil Panday Jamshedpur:  सरकारी या निजी तालाबों को भरने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद जमशेदपुर शहर में कई तालाबों को भर कर बहुमंजिली इमारतें खड़ी कर दी गयी है. आलीशान फ्लैट, मॉल या कॉलोनियां बसा दी गयीं. अब भू-माफिया शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी व निजी तालाबों को भर कर प्लॉटिंग कर बेच रहे हैं. शुभम संदेश संवाददाता ने घाघीडीह मौजा के तालाबों जायजा लिया, तो चौंकानेवाले तथ्य सामने आए. पाया कि कई तालाबों का नामोनिशान तक मिट गया है. कुछ तालाबों में मिट्टी भरी जा रही है, चहारदीवारी कर भवन निर्माण कराया जा रहा है. कई तालाबों को भर कर जमीन बेच दी गयी है, लेकिन जिम्मेवार अधिकारी-कर्मचारी इससे बेखबर हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि कर्मचारियों की मिलीभगत से ही तालाबों को भर कर बेच दिया गया है.

सोमाय झोपड़ी में सरकारी तालाब की घेराबंदी

घाघीडीह मौजा के सोमाय झोपड़ी नीचे टोला के तालाब को भरकर घेराबंदी की जा रही है. साथ ही प्लॉटिंग कर बेची जा रही है. जिन लोगों को प्लॉट बेचे गए, वे प्लॉट पर मकान भी बनवा रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमाय झोपड़ी ऊपर टोला एवं नीचे टोला में अगल-बगल चार तालाब थे. लेकिन वर्तमान में सभी का अस्तित्व या तो समाप्त हो चुका है या समाप्त होने के कगार पर है. कुछ वर्ष पहले तक स्थानीय बस्ती के लोग तालाबों में नहाने, कपड़े धोने व मछली पकड़ने जाया करते थे. अब तो भू-माफिया के डर से लोगों ने उधर आना-जाना छोड़ दिया. सोमाय झोपड़ी आंगनबाड़ी केंद्र से सटे खाता संख्या 1075, प्लॉट संख्या 2091 व 2094 के सरकारी तालाब की घेराबंदी कर दी गई है.

आदिवासी रैयत के तालाब पर भी कब्जा जमाया

भू-माफिया सरकारी जमीन और तालाब का अतिक्रमण कर बेच ही रहे हैं, रैयती तालाबों पर कब्जा जमा ले रहे हैं. घाघीडीह मौजा नीचे टोला में सरकारी तालाब से सटे खाता संख्या 42, प्लॉट संख्या 2097 (रकबा 1.70 एकड़) पर भी कब्जा कर लिया है. उक्त तालाब के मूल रैयत खतियान के अनुसार किशुन सरदार हैं. किशुन सरदार की सोमाय झोपड़ी में काफी जमीन थी. लेकिन अधिकांश पर भू माफिया ने कब्जा कर बेच दिया. तालाब को भी भरवा दिया है.

सोमाय झोपड़ी नीचे टोला के तालाब के एक हिस्से को बेचा

सोमाय झोपड़ी नीचे टोला में प्लॉट संख्या 2089 और 2090 पर एक तालाब खुर्शीद बेगम (पति नूर मोहम्मद) के नाम पर था. बताया जाता है कि दोनों के निधन के बाद भू-माफिया ने स्थानीय दंबगों की मिलीभगत से तालाब के कुछ हिस्से को भरवा दिया है. जिस हिस्से को भरा गया है, उसकी प्लॉटिंग कर बेच भी दी गयी है. जिन्होंने तालाब की जमीन खरीद ली है, वे वहां मकान का भी निर्माण करा रहे हैं . लेकिन कोई रोकने-टोकनेवाला भी नहीं है.

शिकायत पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाबों को भरवा कर प्लाटिंग कर बेचे जाने के खेल में सरकारी कर्मचारियों की भी मिलीभगत है. की बार तालाब भर कर प्लॉटिंग कर बेचे जाने की शिकायत की गयी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. नतीजतन धीरे-धीरे तालाबों का अस्तित्व समाप्त होता गया .

सरकारी तालाबों पर कब्जे की जांच करायी जाएगी : सीओ

घाघीडीह मौजा में सरकारी एवं गैर सरकारी तालाबों को भर कर बेचे जाने और मकान निर्माण के संबंध में पूछे जाने पर गोलमुरी सह जुगसलाई अंचल (जमशेदपुर) के अंचलाधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी तालाब पर कब्जा कर भरवाने और प्लॉटिंग कर बेचे जाने की जानकारी नहीं है. राजस्व कर्मचारी से इसकी जांच करायी जाएगी. यदि सरकारी तालाब का अतिक्रमण कर ब्र दिया गया है या उस पर निर्माण कार्य करा दिया गया है, तो उसे हर हाल में खाली कराया जाएगा. जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. [wpse_comments_template]  

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