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आखिरकार अमित शाह ने कर दी घोषणा... लोकसभा चुनाव से पहले देश में लागू हो जायेगा CAA

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 New Delhi : लोकसभा चुनाव से पहले देश में CAA लागू हो जायेगा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले पूरे देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू होगा.  इसकी अधिसूचना  जारी  कर दी जायेगी. वे ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में बोल रहे थे. जान लें कि इस साल अप्रैल-मई माह में चुनाव संभावित है.                           ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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CAA किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा

अपनी बात रखते हुए गृह मंत्री ने साफ किया कि CAA किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा. इसका उद्देश्य केवल धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करना है. यह भी कहा कि यह वादा मूल रूप से कांग्रेस ने ही उन लोगों से किया था.

विपक्ष पर आरोप लगाया, वह मुसलमानों को गुमराह कर रहा है

अमित शाह विपक्षी दलों  पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं.  कहा कि हमारे मुस्लिम भाइयों को CAA को लेकर गुमराह किया जा रहा है, भड़काया जा रहा ह. CAA महज पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए लाया गया है.

विधेयक दिसंबर 2019 में ही संसद से पारित हो गया था

हाल ही में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया था कि अगले सात दिन के अंदर ही देश में CAA लागू कर दिया जायेगा. बता दें कि यह विधेयक दिसंबर 2019 में ही संसद से पारित हो गया था. तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधेयक पर मुहर लगा दी थी और यह कानून बन गया था.

शाहीन बाग (दिल्ली) में महिलाएं धरने पर बैठ गयी थी

याद करें कि उस समय CAA को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे. शाहीन बाग (दिल्ली) में महिलाएं धरने पर बैठ गयी थी. जान लें कि यह विधेयक 2016 में ही लोकसभा में पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया. इसे 2019 में फिर से पेश किया गया, जो राज्यसभा में पास हो गया, 10 जनवरी 2020 को राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी थी. इस कानून के तहत 9 राज्यों के 30 से ज्यादा डीएम को विशेष अधिकार मिलेंगे

कानून लागू होते ही क्या बदलाव आयेगा

इस कानून पर नजर डालें तो पड़ोसी देशों, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आये धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिल जायेगी, जो लोग 2014 तक किसी प्रताड़ना के कारण भारत आ गये हैं. इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल होंगे. [wpse_comments_template]

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