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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका के लिए रवाना, G-20 और वर्ल्ड बैंक की बैठक में लेंगी हिस्सा

LagatarDesk : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका अमेरिका के लिए रवाना हो गयी हैं. सीतारमण एक हफ्ते तक अमेरिका में रहेंगी.  सीतारमण वहां आईएमएफ की वार्षिक और वर्ल्ड बैंक की बैठक में हिस्सा लेंगी. इसके साथ ही वित्त मंत्री G-20 और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में भी हिस्सा लेंगी. वित्त मंत्री ने  ट्वीट करके इसकी जानकारी दी.

महामारी के बाद पहली बार होगी फिजिकल बैठक

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के बाद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की यह पहली बार फिजिकल बैठक है. हालांकि कुछ लोगों वर्चुअली यानी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इस बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. https://twitter.com/FinMinIndia/status/1447332358609272836

अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन से मिलेंगी निर्मला 

इस दौरान सीतारमण अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन से भी मिल सकती हैं. अमेरिका यात्रा में निर्मला सीतारण निवेशकों, विशेष रूप से महत्वपूर्ण पेंशन फंड और प्राइवेट इक्विटी फर्मों को संबोधित करेंगी. साथ ही    उन्हें भारत के विकास के सफर का हिस्सा बनने के लिए भी आमंत्रित करेंगी. इस">https://lagatar24.com/fm-sitharaman-on-week-long-us-visit-to-attend-g-20-world-bank-meetings/66349/">इस

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 ग्लोबल टैक्स एग्रीमेंट को मिल सकती है मंजूरी

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 13 अक्टूबर को केंद्रीय बैंक के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) में हिस्सा लेने वाली है. इस बैठक में ग्लोबल टैक्स एग्रीमेंट को मंजूरी मिल सकती है. अगर ऐसा हुआ तो इंडिया को डिजिटल सर्विस टैक्स या इस तरह के दूसरे टैक्स को वापस लेना पड़ सकता है. साथ ही भविष्य में इस तरह के टैक्स को पेश नहीं करने की प्रतिबद्धता हो सकती है. इसे भी पढ़े : झारखण्ड">https://lagatar.in/jharkhand-high-court-got-one-more-judge-the-number-of-judges-increased-to-20/">झारखण्ड

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ग्लोबल टैक्स लॉ में बदलाव पर 136 देशों ने जताई सहमति

भारत सहित 136 देशों ने ग्लोबल टैक्स लॉ में बदलाव के लिए सहमति जतायी है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मल्टीनेशनल कंपनियां जहां कहीं भी काम  कर उसे कम से कम 15 फीसदी की दर से टैक्स जरूर देना होगा.

11 फीसदी हो सकती है भारत की जीडीपी ग्रोथ

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर सबसे अधिक होने की उम्मीद है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार,  वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 11 फीसदी रह सकती है. इसे भी पढ़े : महज">https://lagatar.in/conversion-of-hindus-just-for-sake-marriage-is-biggest-mistake-bhagwat/">महज

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