Dhanbad: निरसा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ हुई मारपीट के मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को घंटों चले अभिभावकों और ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया.

जिला प्रशासन, पुलिस और विद्यालय प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया. वहीं पुलिस ने पीड़ित छात्र की शिकायत पर छह छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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निरसा के एसडीपीओ लिलेश्वर महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर पीड़ित पक्ष की शिकायत पर छह छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच में अब तक यह मामला रैगिंग का नहीं, बल्कि छात्रों के बीच पैसों के लेन-देन और मोबाइल गेम को लेकर हुए विवाद का प्रतीत हो रहा है.
विवाद बढ़ने के बाद मारपीट की घटना हुई. सभी आरोपी छात्र पीड़ित के ही वर्ग के बताए जा रहे हैं. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन ने भी सख्त रुख अपनाया है. इस संबंध में स्कूल प्रबंधन चंद्रकांत यादव ने कहा कि मारपीट में शामिल सभी छात्रों को तत्काल प्रभाव से उनके अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया है. साथ ही उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी कर विद्यालय से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा कि परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा. इसके तहत नाइट गार्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा छात्रावास की निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी. यदि जांच के दौरान किसी कर्मचारी, वार्डन या नाइट गार्ड की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
घटना के विरोध में सुबह से विद्यालय के मुख्य गेट पर अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण धरने पर बैठे थे. प्रदर्शनकारियों ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. प्रशासन, पुलिस और विद्यालय प्रबंधन द्वारा निष्पक्ष जांच तथा कठोर कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया.
हालांकि धरना समाप्त होने के बावजूद इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अभिभावकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल दोषियों पर कार्रवाई ही नहीं बल्कि विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में भी व्यापक सुधार आवश्यक है.
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