- - आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी के आदेश के बाद भी अब तक प्राथमिकी नहीं.
- - 18 जुलाई 2025 को 39.14 लाख का फर्जी बैंक गारंटी देने का मामला पकड़ में आया.
- - विभागीय अधिकारियों ने बैंक गारंटी की जांच के बिना ही TRY के साथ एकरारनामा किया.
- - TRY ही हजारीबाग मे HIV/AIDS जागरुकता व पोषण अभियान के क्षेत्र में काम कर रही है.
Ranchi : आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी ने फरजी बैंक गारंटी देकर अस्पताल चलाने के आरोप में TRY नामक NGO पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. हालांकि अब तक परियोजना निदेशक (ITDA) द्वारा प्राथमिकी नहीं दर्ज करायी गयी है. राज्य में फर्जी बैंक गारंटी के सहारे काम करने का यह तीसरा मामला पकड़ में आया है. इससे पहले शराब और कौशल विकास में फर्जी बैंक गारंटी देने का मामला प्रकाश में आ चुका है.
TRY द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देकर कल्याण विभाग का अस्पताल चलाने का यह मामला अपने आप में अजूबा है. क्योंकि TRY द्वारा पांच साल तक अस्पताल चलाने के बाद उसके द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देना का मामला पकड़ में आया है. TRY नामक NGO राज्य मे कौशल विकास सहित अन्य क्षेत्रों में भी काम कर रही है. हालांकि इस NGO ने दूसरे विभागों में फर्जी बैंक गारंटी दी है या नहीं इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है.
कल्याण विभाग ने TRY नामक NGO को रांची जिले के तिगड़ा स्थित अस्पताल और दुमका जिले के गांदो स्थित अस्पताल को पांच साल तक चलाने के लिए दिया था. कल्याण विभाग ने TRY के साथ इन दोनों अस्पतालों को चलाने के लिए 5 जून 2020 को एकरानामा किया था. इसके तहत TRY द्वारा पांच साल तक इन अस्पतालों को चलाना था. TRY के साथ किये गये एकरारनामे की अवधि 4 जून 2025 को समाप्त हो गयी. लेकिन TRY द्वारा 39.14 लाख का फर्जी बैंक गारंटी जमा करने का मामला 18 जुलाई 2025 को पकड़ में आया.
नियमानुसार इन दोनों अस्पतालों को चलाने के लिए TRY का चुनाव किये जाने के बाद एकरारनामा करने से पहले उसे बैंक गारंटी जमा करना था. साथ ही बैंक गारंटी की जांच के बाद उसके साथ एकरारनामा किया जाना था. लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बैंक गारंटी की जांच के बिना ही TRY के साथ एकरारनामा कर लिया और अस्पताल चलाने दिया. TRY ने 4 मई 2020 की तिथि से जारी 19.57 व 19.57 लाख रुपये की दो बैंक गारंटी एकरारनामा से पहले जमा की थी. एक बैंक गारंटी रांची जिले के अस्पताल के लिए और दूसरी दुमका जिले के अस्पताल के लिए थी. TRY द्वारा जमा करायी गयी दोनों बैंक गारंटी पंजाब नेशनल बैंक, पाटलीपुत्र कॉलोनी, पटना की थी. इन दोनों ही बैंक गारंटियों के समाप्त होने की अवधि 3 अगस्त 2021 थी.
हालांकि विभागीय स्तर पर इन बैंक गारंटियों की जांच का मामला लटका रहा. विभाग की ओर से वर्ष 2025 में TRY द्वारा जमा करायी गयी बैंक गारंटी की जांच के लिए पटना स्थित पंचाब नेशनल बैंक को भेजा गया. बैंक ने 18 जुलाई 2025 को आदिवासी कल्याण आयुक्त को इन बैक गारंटियों के फर्जी होने की सूचना दी. बैंक की ओर से आदिवासी कल्याण आयुक्त को भेजी गयी सूचना में कहा गया कि बैंक ने इन बैंक गारंटियों को जारी नहीं किया है.
TRY द्वारा जमा करायी गयी बैंक गारंटी के फर्जी होने की सूचना के बाद कल्याण विभग ने पहले उससे स्पष्टीकरण पूछा. TRY का जवाब संतोषप्रद नहीं होने की वजह से इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कानूनी राय लेने की प्रक्रिया शुरु हुई. विधि विभाग ने मामले की समीक्षा के बाद कानूनी राय दी. विधि विभाग ने इस मामले में TRY के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक कार्यवाही करने की अनुशंसा की. इसके बाद आदिवासी कल्याण आयुक्त ने ITDA (Integrated Tribal Development Agency) के परियोजना निदेशक को इस संस्था के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही करने का आदेश दिया. TRY नामक NGO मूलत: बिहार की है. लेकिन झारखड में काम करने के लिए इसने रांची में भी अपना एक कार्यालय खोल रखा है.
TRY नामक NGO द्वारा राज्य में इन दोनों अस्पतालों के आलावा दूसरे क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है. बताया जाता है कि यह संस्था हजारीबाग मे HIV/AIDS जागरुकता और पोषण अभियान के क्षेत्र में काम कर रही है. इस संस्था द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है. इसके अलावा सरकार ने इस NGO को कुछ ITI चलाने का काम भी दे रखा है.

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