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साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण आज, जानें भारत में नजर आयेगा या नहीं

LagatarDesk : आज 5 मई को साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. इस ग्रहण को उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहा जायेगा. खास बात यह है कि 130 साल बाद चंद्र ग्रहण बुद्ध पूर्णिमा के महासंयोग में लग रहा है. भारतीय समायानुसार, चंद्र ग्रहण रात में 8 बजकर 46 मिनट से शुरू होगा, जो रात 1 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 15 मिनट होगी. (पढ़ें, इंजीनियर">https://lagatar.in/engineer-paras-clean-chit-and-marriage-hall/">इंजीनियर

पारस, क्लीनचिट और मैरेज हॉल)

इन जगहों पर नजर आयेगा चंद्र ग्रहण

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले से ही सूतक काल लग जाता है. लेकिन ये ग्रहण भारत में दिखायी नहीं देगा. इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह चंद्र ग्रहण दक्षिण पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, प्रशांत,अटलांटिक,अंटार्कटिका और हिंद महासागर में देखा जा सकेगा. इसे भी पढ़ें : गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-granddaughter-fainted-on-hearing-the-news-of-grandmothers-death-she-died-on-the-spot/">गढ़वा

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क्या होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण?

जब पृथ्वी, सूर्य-चंद्रमा के बीच पहुंचती है, तब ये तीनों ग्रह एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. इसी को चंद्र ग्रहण कहा जाता है. इसमें भी अगर पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर ना पड़ रहा हो तो इस घटना को उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं. दूसरे शब्दों में कहे तो जब चांद पर धरती की परछाई न पड़कर उसकी उपछाया पृथ्वी पर पड़ती है, उसे उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहा जाता है. ग्रहण लगने से पहले चांद, धरती की परछाई में प्रवेश कर जाता है. इस प्रक्रिया को मालिन्य कहते हैं. जिसके बाद पृथ्वी की असल छाया में चांद प्रवेश करता है और तब ग्रहण लगता है. चांद की परछाई बहुत धुंधली दिखाई देती है, इसलिए इसे सामान्य रूप से नहीं देखा जा सकता है.

20 अप्रैल को लगा था साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण

बता दें कि 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा था. यह सूर्य ग्रहण बेहद खास था, क्योंकि 3 तरह के सूर्य ग्रहण दिखने को मिले थे. जिसे हाइब्रिड या कंकणाकृति सूर्य ग्रहण कहा जाता है. करीब 100 साल बाद पहली बार हाइब्रिड सूर्यग्रहण लगा था. हालांकि सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखायी नहीं दिया था. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/are-daughters-still-a-burden-parents-shirking-responsibility-by-marrying-a-minor-girl/">क्या

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