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बिहार में जल्द खुलेगा पहला रामायण विश्वविद्यालय, 12 एकड़ जमीन चिन्हित

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Patna : बिहार के वैशाली में भारत की विरासत और संस्कृति के बारे में जागरूक करने के मकसद से रामायण विश्वविद्यालय का निर्माण किया जायेगा. जिसके लिए लगभग 12 एकड़ जमीन को चिन्हित कर लिया गया है. इस विश्वविद्यालय का निर्माण सुप्रसिद्ध महावीर मंदिर की तरफ से की जा रही है. जहां संस्कृत और व्याकरण के अलावा दूसरे विषयों की भी पढ़ाई होगी. इसे भी पढ़ें - सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-17-march-2022/">सुबह

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2024 से इस विश्वविद्यालय में पढाई शुरू होगी

इस विश्वविद्यालय में मुख्य भवन के अलावा शैक्षणिक भवन और सभी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि 2024 से इस विश्वविद्यालय में पढाई शुरू हो जायेगी. यह महावीर मंदिर द्वारा स्थापित एकमात्र विश्वविद्यालय होगा. वाल्मीकि रामायण को केंद्र में रखकर गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस और भारतीय भाषाओं के अलावा दक्षिण पूर्व एशिया में बोली जाने वाली सभी तरह की भाषाओं में रामायण पर अध्ययन करने के अलावा शोध कार्य किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें - चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-in-chaiti-durga-puja-the-idol-of-the-mother-will-be-made-of-grain-reorganization-of-the-committee/">चक्रधरपुर

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संस्कृत और व्याकरण की पढ़ाई पर विशेष बल दिया जायेगा

महावीर मंदिर न्यास समिति ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2013 के अंतर्गत विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को दे दिया है. महावीर मंदिर की तरफ से 10 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भी शिक्षा विभाग को दिया गया है. इस विश्वविद्यालय में संस्कृत और व्याकरण की पढ़ाई पर विशेष बल दिया जायेगा. संस्कृत व्याकरण की पढ़ाई में महर्षि पाणिनि की अष्टाध्याई पतंजलि कृत महाभाष्य और काशिका की पढ़ाई होगी. रामायण विश्वविद्यालय में डिग्री कोर्स में स्नातक स्तर पर शास्त्री की डिग्री दी जाएगी, जबकि स्नातकोत्तर के लिए आचार्य, पीएचडी के तौर पर विधि वारिधि और डी-लिट की उपाधि के तौर पर विद्यावाचस्पति उपाधियां दी जायेगी. इसके अलावा एक डिप्लोमा कोर्स भी होगा जिससे जिसमें नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को रामायण शिरोमणि का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. यहां 6 माह का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा और यह कोर्स करने वाले लोग रामायण पंडित कहे जाएंगे. इसे भी पढ़ें - जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-crowd-gathered-at-baha-bonga-of-tribal-sarna-samiti-in-burmaine/">जमशेदपुर:

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पुस्तकालय में रामायण, गीता, महाभारत जैसे पुस्तक होंगे

विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भी होगा. जहां रामायण, गीता, महाभारत के अलावा वेदों और पुराणों पर शोध कार्य संपन्न होगा. महावीर मंदिर न्यास समिति की मानें तो इस विश्वविद्यालय में कर्मकांड के अलावा ज्योतिष योग आयुर्वेद और प्रवचन के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी. इसे भी पढ़ें - आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-banna-arrived-at-the-holi-meeting-of-deputy-mayor-gave-a-message-to-celebrate-holi-in-a-peaceful-environment/">आदित्यपुर

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