- TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP पर रात 2 बजे घर पर हमला करने का लगाया आरोप
- अभिषेक बनर्जी का दावा- पुलिस की मौजूदगी में हुई घटना
- 6 महीने में सातवीं बार जानलेवा हमले की कोशिश का आरोप
Lagatar Desk : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर उनके आवास पर हमला करने का आरोप लगाया है. उनका दावा किया है कि लगातार दो दिनों तक उनके घर और कार्यालय में रेकी करने के बाद देर रात करीब 2 बजे बीजेपी के लोगों ने उनके आवास पर हमला किया.
ममता बनर्जी के भतीजे का यह भी आरोप है कि यह सब कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में हुआ. लेकिन ना तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और ना ही न्यायपालिका ने कोई दखल दिया. उनका दावा है कि पिछले छह महीनों में उन पर सातवीं बार हमला करने की कोशिश की गई है.
After two days of continuous recce, this is how BJP hooligans attacked my house at 2 AM today. Watch the footage and see for yourself. If this is what can happen to an elected Member of Parliament, imagine the plight of the common man in WB. This is the seventh attempt on my life in the last six months. Yet, there has been no police action and no judicial intervention. Hooligans are running riot across the state because the judiciary continues to turn a blind eye. Thank you, Milords, for remaining mute spectators! 🙏🏻
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) November 7, 2026
पहले रेकी, फिर घर पर हमले का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर वीडियो के साथ पोस्ट शेयर कर बताया कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग उनके कार्यालय और आवास की रेकी कर रहे थे. उन्होंने रेकी करने वाले लोगों की मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर भी सार्वजनिक किया है.
अभिषेक के मुताबिक, जब इन संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया. इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राज्य पुलिस एक निर्वाचित सांसद के कार्यालय और आवास की रेकी क्यों कर रही है? इस रेकी का आदेश किसने दिया और इसके पीछे क्या मकसद था?
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कोलकाता पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और पश्चिम बंगाल पुलिस को टैग करते हुए संदिग्ध लोगों की पहचान करने, उन्हें किसने भेजा था इसका पता लगाने और इस संदिग्ध साजिश के पीछे के नापाक इरादों का खुलासा करने के लिए मामले की तत्काल जांच की मांग की.
After I released the recce video this morning, my house was attacked just now, at 2 AM by BJP goons, right under the watch of the Kolkata police. Thank you, Calcutta High Court and the Supreme Court of India for remaining mute spectators while all this unfolds. I will upload the videos shortly.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) November 6, 2026
बीजेपी पर रात 2 बजे घर पर हमला करने का आरोप
इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर एक और पोस्ट कर दावा किया कि रेकी का वीडियो जारी करने के कुछ घंटों बाद ही उनके घर पर हमला कर दिया गया. उन्होंने लिखा कि लगातार दो दिनों की रेकी के बाद रात करीब 2 बजे बीजेपी के लोगों ने उनके आवास को निशाना बनाया.
अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह हमला कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर तंज कसते हुए मूकदर्शक बने रहने के लिए धन्यवाद कहा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो पश्चिम बंगाल में आम लोगों की सुरक्षा का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.
For the past two days few unidentified individuals have been conducting reconnaissance of my office and residence. The registration number of their motorcycle is mentioned below. When confronted, they claimed to be police personnel. Why is the State Police allegedly spying on and snooping around the office and residence of an elected Member of Parliament? Who authorised this surveillance and for what purpose? I am immediately drawing the attention of the Hon’ble Speaker of the Lok Sabha @ombirlakota , @kolkata_police , @HMOIndia @WBPolice to this extremely serious matter. I demand an immediate and thorough inquiry to establish the identity of these individuals, who sent them and to uncover the nefarious motive behind this suspected conspiracy.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) November 6, 2026
पुलिस और न्यायपालिका को घेरा
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उन पर सातवीं बार जानलेवा हमले की कोशिश की गई है. अभिषेक ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही न्यायपालिका ने कोई हस्तक्षेप किया, उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर आंखें मूंदकर बैठने का आरोप लगाया और कहा कि न्यायपालिका के इस रवैये के कारण पूरे पश्चिम बंगाल में असामाजिक तत्व बेखौफ होकर उपद्रव कर रहे हैं.