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सदान झारखंड के पुराने वाशिंदे हैं - राजेन्द्र प्रसाद
राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि राजनेताओं को सदान शब्द कहने से इन्हें शर्म आती है. प्रसाद ने कहा कि सदान झारखंड के सबसे पुराने वाशिंदे हैं. इस बात की पुष्टि इतिहासकारों और लेखकों ने भी की है. उन्होंने कहा, हम जरूर मूलवासी हैं लेकिन प्राचीन काल से सदान शब्द से हमारी पहचान है. कहा कि राजनेता मूलवासी तो कहते हैं, लेकिन मूलवासी सदान कहने में उन्हें कष्ट होता है. साथ ही कहा कि सदानी झंडा हमारी पहचान और आस्था का प्रतीक है. इस झंडे को हर घर और प्रतिष्ठानों में लगाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि राज्य में बनने वाली सरकारों का एक सूत्री कार्यक्रम होता है कि मूलवासी सदानों को उनके अधिकारों से कैसे वंचित किया जाए. उन्होंने मूलवासी सदान आयोग का गठन करने, पिछड़ी जातियों की जाति जनगणना कराने व सदान से आने वाले स्वर्णों का भी सर्वेक्षण कराने की मांग सरकार से की. इससे आगे कहा कि झारखंड में विधानसभा सभा की सीटों को 160 और लोकसभा की सीटों को 28 करने की मांग केंद्र सरकार से की है. जिससे सदानों को भी विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सके.ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर क्षितीश कुमार राय,डॉ सुदेश कुमार साहू,विशाल सिंह, चन्दन कुमार, प्रो. अरविंद कुमार, विशाल कुमार, उपाध्यक्ष राहुल पांडे, नीतीश तिवारी, निसार खान, त्रिलोक साहू सहित कई उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें - कार्यकर्ता">https://lagatar.in/tejashwi-roared-at-bjp-in-workers-meeting-said-bihar-has-played-with-bjp-which-plays/">कार्यकर्तामिलन समारोह में BJP पर गरजे तेजस्वी, कहा – खेला करने वाली भाजपा के साथ बिहार में हो गया खेला [wpse_comments_template]

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