- प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी और अनुशासनहीनता का है आरोप
अनुशासन समिति को नोटिस का जवाब नहीं भेजा
बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी और अनुशासनहीनता करने वाले सात नेताओं को 14 दिन पहले नोटिस भेजा गया था. इन्हें अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था. सात नेताओं के जवाब को लेकर रविवार को बैठक की गयी. प्रदेश कांग्रेस समिति के दो सचिव राकेश तिवारी और अनिल कुमार ओझा ने अनुशासन समिति को जवाब भेजा, जिसे देख इनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गयी. वहीं, अन्य पांच नेताओं ने अनुशासन समिति को कोई जवाब नहीं भेजा. इसे देखते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की पहल की गयी. जवाब नहीं देने वाले इन पांच नेताओं को अगले छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की अनुशंसा की गयी है. इसे भी पढ़ें – दो">https://lagatar.in/lawyers-across-the-state-will-stay-away-from-judicial-work-for-two-more-days-action-will-be-taken-against-those-who-disobey-the-instructions/">दोदिन और न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे राज्य भर के वकील,निर्देश नहीं मानने वालों पर होगी कार्रवाई [wpse_comments_template]

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