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चुनाव आयोग के गाइडलाइन का करें पालन : नैंसी सहाय

आदर्श आचार संहिता को लेकर डीसी ने प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों को दिये निर्देश दलों के विज्ञापन को प्री-सर्टिफिकेशन कराना है जरूरी आयोग के आदेश का किसी भी प्रकार से नहीं हो उल्लंघन Hazaribagh:  लोकसभा चुनाव की तारीख के एलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. इसे लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी नैंसी सहाय की अध्यक्षता में सोमवार को प्रकाशकों, सेलुलर प्रोवाइडर, केबल ऑपरेटर एवं मुद्रकों के साथ बैठक की गई. बैठक में प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों को प्रचार सामग्री छापने से संबंधित निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन की जानकारी दी गई व आवश्यक निर्देश दिए गए. बताया गया कि आम चुनाव के दौरान टीवी/रेडियो, चैनल/ऑडियो-वीडियो, डिस्प्ले/सिनेमा, इंटरनेट आधारित मीडिया/सोशल मीडिया, ई-पेपर और केबल नेटवर्क सहित वेबसाइटों पर प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों के लिए मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) द्वारा प्रमाणन कराना आवश्यक होगा. इसे भी पढ़ें-आम">https://lagatar.in/could-not-define-democracy-among-common-people-shyam-narayan-singh/">आम

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प्रचार सामग्री की जानकारी पब्लिशर को होनी जरूरी

डीसी ने निर्वाचन के लिए प्रचार सामग्री छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों को निर्देश दिया कि लोकसभा चुनाव के प्रचार में प्रयोग की जाने वाली प्रचार सामग्री की सम्पूर्ण जानकारी प्रिंटिंग प्रेस व पब्लिशर को होनी जरूरी है. उन्होंने प्रिंटर्स से कहा कि पोस्टर, पंपलेट या अन्य प्रचार सामग्री अभ्यर्थी या राजनैतिक दलों से किसी अधिकृत व्यक्ति का मुद्रक का नाम, प्रकाशक का नाम और मात्रा की संख्या के संबंध में जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय से साझा करें. साथ ही राजनीतिक दलों के किसी भी प्रकार के विज्ञापन को एमसीएमसी कोषांग से प्री-सर्टिफिकेशन कराना आवश्यक होगा. उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालक चुनाव आयोग की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करें. निर्धारित प्रावधानों तथा आयोग के आदेश के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा. संबंधित के खिलाफ नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि केबल ऑपरेटर और लोकल चैनल टीवी के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों के प्रचार प्रसार को भी प्री सर्टिफाई कराना आवश्यक होगा.

निर्देशों के उल्लंघन पर छह माह की सजा

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशानुसार पंपलेट, पोस्टर्स, पर्चे आदि प्रचार अथवा प्रिंट सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पता लिखा जाना अनिवार्य होगा. प्रकाशित सामग्री की प्रतियां निर्वाचन कार्यालय के एमसीएमसी कोषांग में भी जमा करनी होगी. प्रिंट सामग्री में संख्या भी अंकित करना होगा. उल्लंघन होने पर संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी. इसमें छह माह तक का कारावास, दो हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किये जाने का प्रावधान है. बैठक में निर्देश दिये गये कि शुचितापूर्ण निर्वाचन के लिए यह अनिवार्य है कि सभी प्रकाशक एवं मुद्रक प्रिंट एवं प्रचार सामग्री में मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम, पता, प्रसारित की जाने वाली सामग्री की संख्या अनिवार्य रूप से अंकित करें. प्रकाशित सामग्री की प्रतियां जिला निर्वाचन कार्यालय तथा व्यय लेखा शाखा में जमा करना जरूरी होगा. इसे भी पढ़ें-मनमोहन">https://lagatar.in/there-have-been-many-scams-in-manmohan-singhs-government-also-bjp/">मनमोहन

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उल्लंघन होने पर नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी

मुद्रित एवं प्रकाशित सामग्री के आधार पर खर्चा प्रत्याशी के व्यय लेखा में जोड़ा जायेगा. उपायुक्त ने कहा कि कोई भी प्रकाशक, मुद्रक, केबल ऑपरेटर व सेलुलर प्रोवाइडर द्वारा बल्क एसएमएस के माध्यम से ऐसी सामग्री प्रकाशित नहीं करें जिससे कि आचार संहिता का उल्लंघन होता हो. समाज में घृणा फैलाने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री किसी भी हाल में प्रकाशित नहीं की जाये. निर्धारित प्रारूप में जिला निर्वाचन कार्यालय को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये. मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देव प्रिया, सदर एसडीओ शैलेश कुमार, राज्य कर आयुक्त और जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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