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फॉलोअप : ऋत्विक कंपनी के जीएमएल भास्कर सिंह का अमन साहू गिरोह के गुर्गों से था संबंध, इस बिंदु पर जांच कर रही पुलिस

उठ रहे सवाल, ऋत्विक कंपनी को क्या एनटीपीसी करेगी ब्लैक लिस्टेड! Gaurav Prakash Hazaribagh : ऋत्विक कंपनी के जीएमएल भास्कर सिंह अपनी ही कंपनी के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर शरद कुमार की हत्या करवाई है या नहीं, इसे लेकर अब तक सस्पेंस बरकरार है. लेकिन हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चोथे ने कहा है कि यह बात नकारी भी नहीं जा सकती और इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है. हजारीबाग एसपी ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि भास्कर सिंह ऋत्विक के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर की हत्या के षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन इसे लेकर एटीएस और हजारीबाग पुलिस ने कुल छह बार भास्कर सिंह से पूछताछ कर चुकी है. इसे भी पढ़ें : अपराधियों">https://lagatar.in/ritvik-company-giving-protection-to-criminals-getting-the-result-of-the-incident-the-revelation-of-the-arrested-accused-created-a-stir/">अपराधियों

को संरक्षण दे रही ऋत्विक कंपनी, घटना को दिला रही अंजाम, गिरफ्तार आरोपी के खुलासे से मचा हड़कंप

पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य था विवेक सोनी, बाद में अमन साहू गैंग से जुड़ा

  भास्कर सिंह ने विवेक कुमार सोनी से कोल ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हंगामा करवाया था और ट्रांसपोर्टेशन बाधित करवा दिया था. विवेक कुमार सोनी के बारे में बताया जा रहा है कि पहले वह पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य था और वर्तमान में अमन साहू गिरोह के लिए काम कर रहा था. ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि भास्कर सिंह अमन साहू गिरोह के संपर्क में था और वह अमन साहू गिरोह के गुर्गे से अपने निजी लाभ के लिए घटना को अंजाम दिलवाया करता था. विश्वस्त सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि भास्कर सिंह और पुलिस के हत्थे चढ़े रामचंद्र सोनी उर्फ रामा सोनी से भी भास्कर सिंह के अच्छे ताल्लुकात थे. रामाचंद्र सोनी ने भास्कर सिंह से दोस्ती करने के लिए उसके टेबल पर पिस्टल भी रख दिया था. उसके बाद दोनों में दोस्ती बढ़ी. रामचंद्र सोनी उरीमारी इलाके में सक्रिय अपराधी के रूप में जाना जाता था. बाद में बड़कागांव में कोयला उत्खनन शुरू होने पर क्षेत्र में सक्रिय हो गया. यही नहीं भास्कर सिंह के कई काम को भी रामचंद्र सोनी देखा करता था. झारखंड के इतिहास में कोयला ट्रांसपोर्टेशन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई कोई नयी नहीं है. लेकिन एनटीपीसी के अधीन आउटसोर्सिंग कंपनी ऋत्विक के पदाधिकारी जब अपराधियों को संरक्षण देकर घटना को अंजाम दिलाने लगे, तो बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि आखिर किसके इशारे पर और कौन घटना को अंजाम दिलवा रहा है. बड़कागांव में कोयला उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन को लेकर कई बार वर्चस्व की लड़ाई भी हुई है. लेकिन यह पहली बार है कि कंपनी के पदाधिकारी ही सवालों के घेरे में हैं. ऐसे में क्या एनटीपीसी ऋत्विक कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करेगी, यह सवाल खड़ा हो रहा है. इसे भी पढ़ें : Exclusive:">https://lagatar.in/exclusive-ats-arrested-gangster-aman-srivastava-who-became-a-challenge-for-the-police-of-six-districts/">Exclusive:

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