Ranchi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करना है. टीबी के मरीजों को कोई भी नागरिक, जनप्रतिनिधि, गैर सरकारी संस्था, संस्थान कॉरपोरेट निक्ष्य मित्र बनकर पोषण सहायता, जांच एवं रोजगार में सहयोग कर सकते हैं. इसी कड़ी में सदर अस्पताल में इलाजरत टीबी के पांच मरीजों को फूड बास्केट दिया गया. बता दें कि राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रंजीत प्रसाद के द्वारा फूड बास्केट का वितरण रिम्स में किया गया.
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टीबी मरीजों को बेहतर पोषाहार की जरूरत
टीबी मरीजों को बीमारी से जल्दी ठीक होने के लिए बेहतर पोषाहार की जरूरत पड़ती है. ऐसे में अतिरिक्त पोषण सहायता के लिए फूड बास्केट दिया जाता है. फूड बास्केट वितरण में टीबी एवं चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ब्रजेश मिश्रा, मेडिकल ऑफिसर डॉ टीके मिश्रा एवं राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – बिहार">https://lagatar.in/bihar-hearing-in-patna-high-court-on-caste-enumeration-remained-incomplete/">बिहार: जातीय गणना पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई रही अधूरी [wpse_comments_template]
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