पांच सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 604.004 अरब डॉलर रह गया
बता दें कि इससे पहले 25 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.03 अरब डॉलर घटकर 617.648 अरब डॉलर रह गया था. वहीं 18 मार्च समाप्त हुए सप्ताह में यह 2.597 अरब डॉलर घटकर 619.678 अरब डॉलर पर आ गया था. 11 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में देश का भंडार 9.646 अरब डॉलर घटकर 622.275 अरब डॉलर रह गया था. बीते 5 हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 27.917 अरब डॉलर घट चुका है. इसे भी पढ़े : दरभंगा">https://lagatar.in/darbhanga-acid-attack-in-mutual-dispute-4-members-of-the-family-got-scorched-acid-got-in-ones-eye/">दरभंगा: आपसी विवाद में एसिड अटैक, परिवार के 4 सदस्य झुलसे, एक की आंख में गया तेजाब
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल फैक्टर की वजह से कम हुआ खजाना
माना जा रहा है कि ग्लोबल जियोपॉलिटिकल फैक्टर के कारण इंडियन करेंसी (रुपये) में दबाव के कारण हुआ है. दबाव को कम करने के लिए आरबीआई ने भारत के खजाने से डॉलर बेच दिया. जिसकी वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में घटा है. वहीं सरकारी तेल कंपनियों को कच्चा तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर चुकाना पड़ रहा है. जिसकी वजह से भी विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ है. इसे भी पढ़े : सोच">https://lagatar.in/take-bath-and-wash-thoughtfully-hul-increased-the-price-of-products-by-20-percent/">सोचसमझ कर नहायें-धोयें, एचयूएल ने 20 फीसदी बढ़ाये प्रोडक्ट्स के दाम
एफसीए में कमी के कारण विदेशी मुद्रा भंडार घटा
साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) घटने के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में भी कमी आयी है. विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. फॉरेन करेंसी एसेट्स में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं को भी शामिल किया जाता है. रिपोर्टिंग वीक में एफसीए में 10.7 बिलियन डॉलर घटकर 539.727 बिलियन डॉलर हो गयी. इससे पहले 1 अप्रैल को खत्म हुए सप्ताह में यह 10.727 अरब डॉलर घटकर 539.727 अरब डॉलर पर आ गयी. इसे भी पढ़े : उपचुनाव">https://lagatar.in/by-elections-counting-of-votes-continues-in-one-lok-sabha-and-four-assembly-seats/">उपचुनाव: एक लोकसभा और चार विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी [wpse_comments_template]

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