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अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का मामला नया नहीं, 2009 में 747 को भेजा गया था : विदेश मंत्री

 
NewDelhi : अमेरिका से भारत डिपोर्ट किये गये 104 भारतीयों के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद(राज्यसभा) में जानकारी दी कि अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का मामला कोई नया नहीं है. कहा कि अमेरिकी नियमों के तहत ही भारतीयों को भेजा जा रहा है. विदेश मत्री कहा कि डिपोर्टेशन का नियम कोई नया नहीं है. 2012 से ही यह नियम लागू हैं. विदेश मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी.

हर देश में राष्ट्रीयता की जांच होती है

नारेबाजी के बीच  जयशंकर ने बोलना जारी रखा. कहा, हर देश में लोगों की राष्ट्रीयता की जांच होती है. कहा कि हम डिपोर्टेशन के मामले पर लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में हैं, ताकि भारतीयों के साथ किसी तरह का अमानवीय बर्ताव नहीं हो.अपनी बात रखने के क्रम में विदेश मंत्री ने डिपोर्टेशन पर संयुक्त राष्ट्र की संधि का जिक्र किया.

अवैध अप्रवासी अमानवीय हालात में फंसे थे

कहा कि यह लीगल माइग्रेशन को सपोर्ट करने तथा अवैध माइग्रेशन को हतोत्साहित करने लिए है. अवैध अप्रवासी वहां अमानवीय हालात में फंसे थे. अवैध अप्रवासियों को हमें वापस लेना ही था. विदेश मंत्री ने 2009 से अब तक के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि हर साल अवैध अप्रवासियों को वापस भेजा जाता है. बताया कि साल 2009 में 747 अवैध प्रवासियों को भेजा गया था.  इसी तरह साल दर साल सैकड़ों लोगों को वापस भेजा गया.

2010 में 799, 2011 में 597, 2012 में 530, 2013 में 515 लोगों को भारत भेजा गया

2010 में 799, 2011 में 597, 2012 में 530, 2013 में 515, 2014  में 591, 2015 में 708, 2016 में 1303, 2017 में 1024, 2018 में 1180, 2019 में 2042, 2020 में 1889, 2021 में 805, 2022 में 862 , 2023 में 617 और 2024 में 1368 अवैध भारतीयों को अमेरिका ने भारत डिपोर्ट किया था.

महिलाओं और बच्चों को डिपोर्टेशन के दौरान बांधकर रखने में नहीं रखा जाता

जयशंकर ने  कहा कि  2012 से लागू स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत डिपोर्ट किये जा रहे लोगों को फ्लाइट में restraints (बांधकर) ले जाया जाता है. अमेरिकी एजेंसी ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) ने भारत को बताया है कि महिलाओं और बच्चों को डिपोर्टेशन के दौरान बांधकर रखने में नहीं रखा जाता.   डिपोर्टेशन के दौरान जब यात्री टॉयलेट जाते हैं तो restraints हटा दिये जाते हैं.  जो भारतीय वापस लौटे हैं, उन्होंने अपने डिपोर्टेशन के दौरान हुई कठिनाइयों के बारे में बताया है.

अवैध तरीकों से विदेश भेजने वाले एजेंट्स पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार अमेरिकी सरकार से लगातार बात कर रही है,  ताकि डिपोर्ट किये जा रहे भारतीयों के साथ कोई गलत व्यवहार न हो. विदेश मंत्री ने संसद में  कहा कि अवैध तरीकों से विदेश भेजने वाले एजेंट्स पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.  सभी देशों के लिए यह जरूरी है कि वे अवैध प्रवास को हतोत्साहित करें और कानूनी तरीकों से लोगों की आवाजाही को बढ़ावा दें.

डिपोर्ट किये गये लोगों ने दावा किया कि उनके हाथ और पैरों में हथकड़ी लगी रही

जान लें कि बुधवार को अमेरिका का सैन्य विमान 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर पहुंचा.  डिपोर्ट किये गये लोगों ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उनके हाथ और पैरों में हथकड़ी लगी रही.जब वह अमृतसर के एयरपोर्ट पर पहुंचे उसी के बाद में उन्हें खोला गया. हर खबर के लिए हमें फॉलो करें  Whatsapp Channel : https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q">https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q">https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q

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