New Delhi : वेनेजुएला से तेल तभी खरीदा जायेगा जब यह व्यापारिक रूप से भारत के लिए लाभकारी होगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज शुक्रवार को रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद पर भारत की स्थिति साफ कर दी.
रणधीर जायसवाल ने रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद, ईरान-अमेरिका संकट पर नजर रखने और वहां (ईरान) रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही.
इस क्रम में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की नयी तारिक रहमान की सरकार के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर बल दिया. उन्होंने US ट्रेड डील को अंतिम रूप देने सहित ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में भारत की भूमिका पर भी जोर दिया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदने के संदर्भ में कहा कि हमने पिछले कुछ सप्ताह में इस विषय पर बयान दिये हैं, वह भारत की नीति को दर्शाने वाले हैं. प्रेस वार्ता में श्री जायसवाल ने कहा, वेनेजुएला से तेल तभी खरीदा जाएगा जब यह व्यापारिक रूप से लाभकारी होगा.
साथ ही उन्होंने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत की स्थिति साफ की. स्पष्ट रूप से कहा कि भारत की ऊर्जा नीति देश की जरूरतों और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है. भारत तेल खरीद के फैसले राष्ट्रीय हित और व्यावसायिक लाभ को ध्यान में रखकर करेगा.
ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर कहा कि भारत दुनिया भर में अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है. ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ रहे तनाव पर भारत की नजर बनी हुई है. वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से लगातार संपर्क बना हुआ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम को लेकर रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत वॉशिंगटन डीसी में हुई बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुआ. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने गाजा पीस प्लान का स्वागत किया है.
अमेरिका के दूत सर्जियो गोर ने आज शुक्रवार को कहा कि अमेरिका भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए बातचीत कर रहा है. जान लें कि अमेरिका ने भारत से इंपोर्ट होने वाले सामान पर टैरिफ कम करने के लिए रूसी कच्चे तेल से दूरी बनाये रखने की शर्त रखी है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल इंपोर्टर और कंज्यूमर है.
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