NewDelhi : विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अवैध बांग्लादेशियों की स्वदेश वापसी को लेकर कदम उठाये जा रहे हैं. अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के साथ कानून के अनुसार बर्ताव किया जायेगा. इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जायेगी.
VIDEO | Responding to a query on repatriation of illegal Bangladeshis, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen comments of this nature being made over the last several days. These comments must be seen in the context of the core issue of repatriation of illegal… pic.twitter.com/UXXkT2pdOH
— Press Trust of India (@PTI_News) May 7, 2026
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में बांग्लादेश से सहयोग की आवश्यकता है. जानकारी दी कि बांग्लादेश में राष्ट्रीयता सत्यापन के 2,860 से अधिक मामले लंबित हैं. उनमें से कुछ तो पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारी नीति यह है कि देश में अवैध रूप से रहने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की देश के कानून के अनुसार स्वदेश वापसी. उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश राष्ट्रीयता सत्यापन में तेजी लायेगा ताकि अवैध अप्रवासियों की स्वदेश वापसी सुचारू तरीके से हो सके.
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक नयी व्यापक डिपोर्टेशन नीति बनाई है. इसके तहत सभी राज्यों को अवैध प्रवासियों (विशेषकर बांग्लादेश और म्यांमार से) के बारे में जानकारी हासिल करने, उन्हें चिन्हित कर वापस भेजने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने को कहा गया है.
जानकारी के अनुसार अवैध घुसपैठ रोकने के लिए BSF सीमा पर कड़े कदम उठा रही है. जो लोग पकड़े जा रहे हैं, उन्हें वापस भेजा जा रहा है. अहम बात यह है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद अवैध घुसपैठियों की पहचान और वापसी को लेकर बॉर्डर स्टेट्स में हलचल तेज है.
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